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धरती ने निगल ली जिंदगी? इस देश में दो बड़े भूकंप, तबाही के डरावने वीडियो वायरल

वेनेजुएला में लगातार दो शक्तिशाली भूकंप (7.1 और 7.5 तीव्रता) से भारी तबाही मच गई। इमारतें ढही, कई शहर प्रभावित, USGS ने बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका जताई।

वेनेजुएला

लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला में गुरुवार तड़के ऐसा भूकंप आया जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कुछ ही सेकेंड के अंतराल में दो शक्तिशाली भूकंप दर्ज किए गए, जिनकी तीव्रता क्रमशः 7.1 और 7.5 मापी गई। पहला झटका तटीय क्षेत्र मोरोन के पास आया, जिसका असर राजधानी कराकास तक महसूस किया गया। जमीन के भीतर बेहद कम गहराई पर आए इस भूकंप ने झटकों की तीव्रता को और खतरनाक बना दिया, जिससे कई इलाकों में इमारतें हिलने लगीं और लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए।

लगातार दूसरा झटका और बढ़ती तबाही

पहले भूकंप के ठीक कुछ सेकेंड बाद ही दूसरा, और भी अधिक शक्तिशाली झटका आया, जिसने हालात को और गंभीर बना दिया। रिपोर्टों के अनुसार दूसरा भूकंप कम गहराई पर था, जिसके कारण इसका प्रभाव ज्यादा व्यापक और विनाशकारी रहा। कई शहरों में बिजली व्यवस्था ठप हो गई, संचार सेवाएं बाधित हो गईं और सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में इमारतों को झूलते और कुछ स्थानों पर ढहते हुए देखा गया, जिससे लोगों में भय और अनिश्चितता और बढ़ गई।

 USGS का अलर्ट: भारी जनहानि की आशंका

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने शुरुआती आकलन में चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस आपदा से बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है। एजेंसी के अनुसार मृतकों की संख्या हजारों से लेकर संभावित रूप से लाखों तक भी पहुंच सकती है, हालांकि यह प्रारंभिक अनुमान है और स्थिति के स्पष्ट होने के बाद इसमें बदलाव संभव है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम गहराई पर आए तेज भूकंप अक्सर अधिक विनाशकारी होते हैं, खासकर जब वे घनी आबादी वाले क्षेत्रों के पास आते हैं।

राहत-बचाव अभियान जारी

भूकंप के बाद वेनेजुएला सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। कई जगहों पर मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे रेस्क्यू टीमों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर और मेडिकल सहायता केंद्र स्थापित करने की तैयारी में जुटा है। हालांकि लगातार झटकों और क्षतिग्रस्त ढांचे के कारण राहत कार्यों में बाधाएं आ रही हैं। स्थिति अभी भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है और आगे और झटकों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

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