Durand Line पर हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बीते कुछ दिनों से जारी टकराव ने अब खुली सैन्य झड़प का रूप ले लिया है। पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि उसने अफगान सीमा के भीतर मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। दूसरी ओर अफगान तालिबान प्रशासन का कहना है कि ये हमले उसकी संप्रभुता का उल्लंघन हैं और इसका जवाब दिया जाएगा। इसी बीच सबसे बड़ा और सनसनीखेज दावा सामने आया कि अफगान सीमा में घुसते ही एक पाकिस्तानी फाइटर जेट को मार गिराया गया। हालांकि इस दावे की अब तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन सोशल मीडिया और क्षेत्रीय मीडिया में यह खबर तेजी से फैल रही है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक सीमा से सटे कई इलाकों में भारी गोलाबारी और हवाई गतिविधियां देखी गईं, जिससे आम नागरिकों में दहशत का माहौल है।
एयरस्ट्राइक, जवाबी हमला और फाइटर जेट का दावा
रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान ने पूर्वी अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में हवाई कार्रवाई की, जहां उसका आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकाने सक्रिय थे। पाकिस्तान लंबे समय से यह कहता आया है कि अफगान जमीन का इस्तेमाल उसके खिलाफ हमलों के लिए किया जा रहा है। इसी कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान के अफगान क्षेत्र में प्रवेश करने और फिर गिराए जाने का दावा किया गया। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी चर्चा है कि विमान F-16 या JF-17 हो सकता है, लेकिन किसी भी पक्ष ने आधिकारिक रूप से मॉडल की पुष्टि नहीं की है। अफगान तालिबान के प्रवक्ताओं का कहना है कि उनकी वायु-रोधी इकाइयों ने जवाबी कार्रवाई की, जबकि पाकिस्तान इस दावे को खारिज कर रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद अविश्वास को और गहरा कर दिया है।
सीमा गांवों में डर, राजनीति में गरमाहट
सीमा से लगे गांवों में रहने वाले लोगों का कहना है कि रातभर गोलियों और धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं। कई परिवारों ने सुरक्षित इलाकों की ओर पलायन शुरू कर दिया है। स्कूल और बाजार अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उधर राजनीतिक स्तर पर भी बयानबाजी तेज हो गई है। पाकिस्तान की ओर से कहा गया है कि उसकी कार्रवाई केवल आतंकवादी ठिकानों तक सीमित थी और आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया गया। वहीं अफगान पक्ष इसे सीधा आक्रमण बता रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फाइटर जेट गिराए जाने का दावा सही साबित होता है, तो यह इस टकराव को और गंभीर मोड़ दे सकता है। हालांकि अभी तक किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है, जिससे सस्पेंस बरकरार है।
आगे क्या? बढ़ेगा युद्ध का खतरा या निकलेगा कूटनीतिक रास्ता
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते पहले से ही नाजुक दौर में हैं। सीमा विवाद, आतंकी गतिविधियों के आरोप और पारस्परिक अविश्वास ने हालात को जटिल बना दिया है। अगर दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रही, तो यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सच में पाकिस्तानी फाइटर जेट को मार गिराया गया, या यह दावे और जवाबी दावों की रणनीतिक लड़ाई का हिस्सा है। जब तक दोनों देशों की ओर से स्पष्ट और ठोस सबूत सामने नहीं आते, तब तक यह रहस्य बना रहेगा। सीमा पर शांति बहाल होगी या हालात और बिगड़ेंगे, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
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