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प्रयागराज में ‘रन फॉर यूनिटी’ के नाम पर मचा बवाल! हजारों धावकों ने क्यों तोड़ी कुर्सियां, BJP नेता को भी घेरा; जानिए पूरा मामला

प्रयागराज के नैनी में रन फॉर यूनिटी मैराथन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। प्रतिभागियों ने गड़बड़ी का आरोप लगाकर कुर्सियां तोड़ीं और BJP नेता को घेर लिया। जानिए पूरा मामला।

रन फॉर यूनिटी

Prayagraj News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ मैराथन उस समय विवादों में घिर गई, जब दौड़ में शामिल प्रतिभागियों ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। नैनी के अरैल घाट के पास आयोजित इस कार्यक्रम में शुरुआत से ही अव्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे। देखते ही देखते नाराज प्रतिभागियों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ शुरू हो गई। कुर्सियां तोड़ी गईं, गाड़ियों को घेरा गया और आयोजकों के खिलाफ नारेबाजी होने लगी। हालात बिगड़ते देख पुलिस को भी मोर्चा संभालना पड़ा।

मैराथन शुरू होते ही क्यों भड़क गए प्रतिभागी?

जानकारी के मुताबिक, इस मैराथन में करीब 5 से 6 हजार लोगों ने हिस्सा लिया था। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन भी कराया था। आरोप है कि दौड़ का निर्धारित समय सुबह 7 बजे था, लेकिन इसे करीब साढ़े 6 बजे ही शुरू कर दिया गया। इतना ही नहीं, प्रतिभागियों का कहना है कि बिना हरी झंडी दिखाए ही दौड़ शुरू कर दी गई। इस वजह से कई लोगों को सही समय पर शुरुआत करने का मौका नहीं मिला। प्रतिभागियों ने आयोजन में नियमों की अनदेखी और पक्षपात का आरोप लगाते हुए विरोध जताना शुरू कर दिया।

बाइक से दौड़ पूरी करने का आरोप, पुरस्कार को लेकर भी विवाद

हंगामा कर रहे प्रतिभागियों ने आरोप लगाया कि मैराथन में कुछ लोग बिना रजिस्ट्रेशन के ही शामिल हो गए थे। वहीं, कुछ प्रतिभागियों ने दावा किया कि कई लोगों ने पैदल दौड़ने के बजाय बाइक पर बैठकर ही अपनी दौड़ पूरी कर ली। इससे प्रतियोगिता की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए। आयोजकों की ओर से विजेता को 11 हजार रुपये और दूसरे स्थान पर रहने वाले प्रतिभागी को 7 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई थी। प्रतिभागियों का आरोप था कि जब दौड़ में ही गड़बड़ी हुई तो पुरस्कार वितरण किस आधार पर किया जा रहा है? इसी बात को लेकर नाराजगी और बढ़ गई।

मंच पर चढ़े प्रदर्शनकारी, कुर्सियां तोड़ीं और सर्टिफिकेट छीने

विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय और बिगड़ गई, जब कुछ प्रतिभागी पुरस्कार वितरण के लिए बनाए गए मंच पर चढ़ गए। वहां जमकर नारेबाजी हुई और कार्यक्रम स्थल पर रखी दर्जनों कुर्सियां तोड़ दी गईं। इस दौरान कुछ लोगों ने मंच पर रखे सर्टिफिकेट भी उठा लिए और एक-दूसरे से प्रमाणपत्र छीनने की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने आयोजक बीजेपी जिला उपाध्यक्ष देवी सिंह पटेल को भी घेर लिया। बताया जा रहा है कि जब वह वहां से निकलने की कोशिश करने लगे तो नाराज लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया। प्रतिभागियों की मांग थी कि मैराथन को दोबारा निष्पक्ष तरीके से आयोजित कराया जाए।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, थाने में कराया गया पुरस्कार वितरण

हंगामा बढ़ने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान आयोजक देवी सिंह पटेल को सुरक्षित निकालकर सरकारी गाड़ी से नैनी थाने पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, बाद में थाने में ही विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार दिए गए। हालांकि, मैराथन में कथित गड़बड़ी और आयोजन के दौरान हुई तोड़फोड़ को लेकर इलाके में चर्चा बनी हुई है। हजारों लोगों की मौजूदगी में आयोजित यह कार्यक्रम खेल और एकता के संदेश के बजाय अव्यवस्था और हंगामे की वजह से सुर्खियों में आ गया।

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