Home UP हत्या के मामले में जेल की सजा काटकर लौटे पूर्व मंत्री रामकरन...

हत्या के मामले में जेल की सजा काटकर लौटे पूर्व मंत्री रामकरन आर्य, सपा कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत

बस्ती लौटे पूर्व मंत्री रामकरन आर्य को शंभू पाल हत्याकांड में 2017 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हाई कोर्ट ने दोषसिद्धि बदलकर सजा 10 साल की, जानिए पूरा मामला।

Basti News

Basti News: पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामकरन आर्य के जेल से सजा पूरी कर बस्ती लौटने पर मंगलवार को सपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। हालांकि, उनके नाम के साथ हत्या का एक पुराना मामला भी जुड़ा है। नवंबर 1994 में बस्ती में शंभू पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शंभू पाल भाजपा नेता जगदंबिका पाल के भतीजे थे। इस घटना के बाद दर्ज मुकदमे में रामकरन आर्य समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। मामले की सुनवाई के बाद अप्रैल 2017 में जिला एवं सत्र अदालत ने रामकरन आर्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

 हाई कोर्ट में अपील के बाद बदली दोषसिद्धि और सजा

मामले में हाई कोर्ट में अपील के दौरान उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार किया गया। अदालत ने हत्या के आरोप में हुई दोषसिद्धि को बदलते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग-1 के तहत दोषसिद्धि कायम रखी। इसके साथ ही सजा को घटाकर 10 साल के कठोर कारावास तक सीमित कर दिया गया। इस तरह मामले में कानूनी प्रक्रिया के दौरान सजा में बदलाव हुआ। रामकरन आर्य मंगलवार को वाराणसी की सेंट्रल जेल में सजा पूरी करने के बाद बस्ती लौटे। उनके जेल से बाहर आने के बाद उनके पुराने आपराधिक मामले की चर्चा भी फिर सामने आई।

जेल से लौटने पर सपा कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत

रामकरन आर्य के बस्ती पहुंचने की सूचना पर सपा कार्यकर्ता सुबह से ही कलवारी-टांडा पुल के पास जुटने लगे थे। सपा जिलाध्यक्ष एवं सदर विधायक महेंद्र नाथ यादव के नेतृत्व में समर्थकों ने जिले की सीमा पर फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद चमनगंज, कलवारी और कुसौरा में भी उनका अभिनंदन किया गया। स्वागत कार्यक्रम में कई सपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। रामकरन आर्य बस्ती से चार बार विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में दो बार मंत्री रह चुके हैं। हालांकि, उनके राजनीतिक परिचय के साथ शंभू पाल हत्याकांड और उसमें मिली सजा का मामला भी उनके सार्वजनिक जीवन का अहम हिस्सा रहा है।

Read More-विसर्जन जुलूस में मूर्ति खंडित होने से मचा बवाल, 2 दरोगा और 4 सिपाही सस्पेंड; 30 लोगों पर केस

Exit mobile version