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हरैया तहसील क्षेत्र के महादेवरी गांव में दशकों पुरानी आस्था के धाम में रामनाम की गूंज, श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन

बस्ती के हर्रैया क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध बाबा दुःख छोर नाथ धाम में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित श्रीरामचरितमानस अखंड पाठ का समापन हुआ।

महादेवरी

बस्ती जनपद की हर्रैया तहसील अंतर्गत महादेवरी गांव स्थित प्राचीन एवं प्रसिद्ध बाबा दुःख छोर नाथ धाम में पुरुषोत्तम मास (मलमास) के अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। शनिवार को मुख्य यजमान जगदंबिका प्रसाद शुक्ला के नेतृत्व में श्रीरामचरितमानस अखंड पाठ का शुभ आयोजन संपन्न हुआ। पूरे दिन मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, रामचरितमानस की चौपाइयों और वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई देती रही। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव एवं प्रभु श्रीराम की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

दशकों से क्षेत्रवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है बाबा दुःख छोर नाथ धाम

बाबा दुःख छोर नाथ धाम लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की अटूट श्रद्धा और विश्वास का केंद्र बना हुआ है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान शिव का पूजन-अर्चन करते हैं। सावन, महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक पर्वों पर यहां दूर-दराज के जिलों से भी श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। अपनी प्राचीन परंपरा और धार्मिक महत्ता के कारण यह धाम पूर्वांचल के प्रमुख आस्था स्थलों में विशेष स्थान रखता है।

आज होगा विशाल भंडारा, तैयारियों को दिया गया अंतिम रूप

अखंड पाठ की पूर्णाहुति के उपरांत रविवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। आयोजन समिति के अनुसार क्षेत्र के विभिन्न गांवों सहित आसपास के जनपदों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रसाद वितरण, पेयजल, बैठने की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए स्वयंसेवकों की टीम भी तैनात की गई है।

धार्मिक आयोजन से सामाजिक समरसता का संदेश

मुख्य यजमान जगदंबिका प्रसाद शुक्ला एवं शुक्ला परिवार ने सभी श्रद्धालुओं से भंडारे में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारे, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। आयोजन को सफल बनाने में जय प्रकाश शुक्ला, सत्येन्द्र शुक्ला, देवेन्द्र शुक्ला, शिवम शुक्ला, सत्यम शुक्ला, कान्हा शुक्ला सहित समस्त शुक्ला परिवार एवं मित्रगण सक्रिय सहयोग किया। क्षेत्रवासियों का मानना है कि बाबा दुःख छोर नाथ धाम में आयोजित होने वाले ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज को एक सूत्र में बांधने और सनातन परंपराओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

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