Home UP 5 दिन की मासूम की बोली लगी! अस्पताल के अंदर ही चल...

5 दिन की मासूम की बोली लगी! अस्पताल के अंदर ही चल रहा था ‘डील गेम’, ऐसे हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Greater Noida News: 5 दिन की नवजात बच्ची को 2.60 लाख में बेचने का मामला सामने आया। अस्पताल की मालकिन समेत 3 आरोपी गिरफ्तार, जानिए पूरा खुलासा।

Greater Noida News

Greater Noida News: उत्तर प्रदेश के Greater Noida से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां महज 5 दिन की नवजात बच्ची को 2.60 लाख रुपये में बेचने की साजिश रची गई। यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी गहरी चोट करती है। जानकारी के अनुसार, बच्ची को जन्म के बाद अस्पताल में ही रखा गया था और इसी दौरान कुछ लोगों ने उसे अवैध तरीके से बेचने की योजना बनाई। सबसे हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले में अस्पताल से जुड़े लोग ही शामिल पाए गए, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है।

सोशल मीडिया से शुरू हुई डील

इस पूरे मामले का खुलासा एक दंपती की सतर्कता से हुआ। दरअसल, दंपती सोशल मीडिया के जरिए गोद लेने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी तलाश रहे थे, तभी उनसे संपर्क कर नवजात बच्ची दिलाने का ऑफर दिया गया। इसके बदले 2.60 लाख रुपये की मांग की गई। शुरुआत में यह एक सामान्य प्रक्रिया जैसा लगा, लेकिन बातचीत के दौरान दंपती को कुछ गड़बड़ी का एहसास हुआ। उन्होंने बिना देर किए चाइल्ड हेल्पलाइन को इसकी सूचना दी। इसके बाद पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम ने मिलकर एक योजना बनाई और आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।

रंगे हाथ गिरफ्तारी: अस्पताल की मालकिन समेत 3 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक महिला को उस वक्त गिरफ्तार किया जब वह नवजात बच्ची को सौंपने पहुंची थी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस पूरे रैकेट में एक निजी अस्पताल की मालकिन, एक नर्स और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह कोई एक बार की घटना नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा हो सकता है। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।

सुरक्षित है बच्ची, लेकिन उठे बड़े सवाल

सबसे राहत की बात यह है कि समय रहते नवजात बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया। फिलहाल उसे बाल कल्याण समिति की निगरानी में रखा गया है, जहां उसकी देखभाल की जा रही है। हालांकि, इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या अस्पतालों में इस तरह के अवैध काम हो रहे हैं? क्या नवजात बच्चों की तस्करी का नेटवर्क इससे बड़ा है? पुलिस इन सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि ऐसे अपराधों के खिलाफ जागरूकता और सख्ती दोनों जरूरी हैं, ताकि भविष्य में किसी मासूम की जिंदगी इस तरह दांव पर न लगे।

Read More-उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार: धामी सरकार में ‘पावर गेम’ शुरू, नए मंत्रियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी, जानिए किसके हाथ लगी कौन सी बाजी!

Exit mobile version