Lucknow News: लखनऊ के जिला कोर्ट के बाहर रविवार को अवैध चैंबरों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई शुरू होते ही विरोध तेज हो गया। बुलडोजर चलते देख वकील सड़क पर बोरी बिछाकर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। हालात को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी प्रदर्शन कर रहे वकीलों को समझाने की कोशिश करते रहे। कार्रवाई कचहरी के पास और कैसरबाग बस डिपो के सामने बने अतिक्रमण पर की जा रही है। इसके लिए नगर निगम ने बड़े स्तर पर मशीनें और वाहन लगाए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, सड़क, फुटपाथ और नालियों पर बने अवैध निर्माण हटाए जाने हैं। इससे पहले वकीलों ने कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी, लेकिन उनकी अपील खारिज हो गई।
211 चैंबरों पर कार्रवाई की तैयारी, वकीलों ने उठाए सवाल
नगर निगम ने कुल 211 चैंबरों को हटाने के लिए चिह्नित किया है। इससे पहले मई से अगस्त के बीच अलग-अलग चरणों में 72 चैंबर तोड़े जा चुके हैं। पिछले साल किए गए सर्वे में करीब 241 चैंबरों की पहचान हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे और मिली 14 आपत्तियों का निस्तारण भी कर दिया गया। यह कार्रवाई पहले 11 अक्टूबर को होनी थी, लेकिन आपत्तियों और अदालत में मामला लंबित होने के कारण टाल दी गई थी। नगर निगम की टीम 10 जेसीबी, 10 हाइवा, एक पोकलैंड समेत अन्य मशीनों और वाहनों की मदद से अतिक्रमण हटा रही है। वहीं, कुछ वकीलों का आरोप है कि कार्रवाई में उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और उनके चैंबर हटने से रोजी-रोटी व कामकाज पर असर पड़ेगा।
अधिकारियों ने बताई कार्रवाई की वजह, आगे भी हटेंगे अवैध निर्माण
वकीलों का कहना है कि कई लोगों ने मेहनत से चैंबर बनवाए थे और उन्हें हटाने से पहले उचित वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने विस्थापित चैंबरों के लिए जगह देने की मांग भी उठाई है। दूसरी ओर, नगर निगम के जोनल अधिकारी ओम प्रकाश सिंह के अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के तहत कचहरी परिसर के आसपास सड़क, फुटपाथ, नाले और नालियों पर बने अवैध निर्माण हटाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल कुछ चैंबरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि चिह्नित अतिक्रमणों को हटाया जाएगा। फिलहाल मौके पर पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई जारी है और विरोध के चलते स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
