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बाराबंकी में आधी रात BJP-सपा में क्यों छिड़ी जंग? आमने-सामने आए नेता, पुलिस ने संभाला मोर्चा

बाराबंकी में MLC चुनाव से पहले लखपेड़ाबाग चौराहे पर BJP और सपा नेताओं के बीच बूथ लगाने को लेकर विवाद हुआ। दोनों पक्षों के आरोपों के बीच पुलिस ने स्थिति संभाली।

बाराबंकी

उत्तर प्रदेश में लखनऊ खंड स्नातक एवं शिक्षक MLC चुनाव से पहले बाराबंकी में राजनीतिक माहौल गरमा गया। मतदान से ठीक पहले देर रात करीब 11:30 बजे शहर के लखपेड़ाबाग चौराहे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता व कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। विवाद की शुरुआत चुनावी बूथ लगाने की जगह को लेकर हुई। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि सपा कार्यकर्ताओं ने बिना अनुमति उनकी निर्धारित जगह पर बूथ लगा दिया था। वहीं, सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी के दबाव में उनके चुनावी एजेंटों का बूथ हटवाया गया। दोनों पक्षों के बीच इसी मुद्दे पर तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला राजनीतिक टकराव में बदल गया और मौके पर तनाव का माहौल बन गया।

दोनों दलों के वरिष्ठ नेता पहुंचे

विवाद की जानकारी मिलते ही दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेता भी लखपेड़ाबाग चौराहे पर पहुंच गए। बीजेपी की ओर से जिला उपाध्यक्ष जंग बहादुर पटेल, राकेश पटेल और रोहित सिंह समेत कई नेताओं ने मौके पर पहुंचकर अपना पक्ष रखा। वहीं, सपा की ओर से जिलाध्यक्ष हाफिज अयाज, प्रीतम सिंह और आशीष सिंह आर्य सहित अन्य नेता पहुंचे। दोनों दलों के नेताओं की मौजूदगी के बाद विवाद को लेकर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई। हालात को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। फिलहाल, बूथ लगाने की जगह को लेकर दोनों दलों की ओर से अलग-अलग आरोप सामने आए हैं। विवाद के पीछे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए अनुमति और निर्धारित स्थान से जुड़ी जानकारी अहम मानी जा रही है।

 अवनीश सिंह बनाम कांति सिंह पटेल

दरअसल, बाराबंकी में यह विवाद लखनऊ खंड स्नातक एवं शिक्षक MLC चुनाव से ठीक पहले सामने आया है। बीजेपी ने वर्तमान MLC इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि समाजवादी पार्टी ने पूर्व MLC कांति सिंह पटेल पर भरोसा जताया है। दोनों दल चुनाव में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए जुटे हैं। ऐसे में मतदान से पहले बूथ लगाने को लेकर हुआ विवाद राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है। अब सवाल यह है कि चुनावी एजेंटों के लिए निर्धारित जगह को लेकर स्थिति क्या थी और क्या बूथ लगाने की अनुमति को लेकर कोई विवाद हुआ था? इन सवालों पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। फिलहाल, दोनों पक्षों के आरोपों के बीच पुलिस की भूमिका अहम हो गई है। इस घटनाक्रम के बाद बाराबंकी में चुनावी माहौल पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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