कांग्रेस नेता Pawan Khera को सुप्रीम कोर्ट से एक और बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने उन्हें सलाह दी कि वे अग्रिम जमानत के लिए Gauhati High Court का रुख करें। पवन खेड़ा ने अदालत से मंगलवार तक गिरफ्तारी पर रोक की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे मंजूर नहीं किया। इससे पहले 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने Telangana High Court द्वारा दी गई ट्रांजिट बेल पर भी रोक लगा दी थी, जिससे उनकी कानूनी स्थिति और मुश्किल हो गई है।
दस्तावेजों को लेकर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पवन खेड़ा द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों पर गंभीर सवाल उठाए। जस्टिस महेश्वरी ने कहा कि पिछली सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल ने यह बताया था कि ट्रांजिट बेल लेने के लिए गलत दस्तावेज पेश किए गए थे। आरोप है कि खेड़ा ने तेलंगाना का निवासी दिखाने के लिए आधार कार्ड का फ्रंट हिस्सा अपना और बैक हिस्सा अपनी पत्नी का इस्तेमाल किया। इस पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया और कहा कि इस तरह के दस्तावेजों के आधार पर राहत लेना गंभीर मामला है। कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद पवन खेड़ा की मुश्किलें और बढ़ती नजर आईं।
वकील की दलीलें भी नहीं आईं काम
पवन खेड़ा की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि जल्दबाजी में याचिका दाखिल करने के कारण दस्तावेजों में गलती हो गई थी। उन्होंने कहा कि बाद में सही दस्तावेज भी जमा किए गए थे, जिससे स्थिति स्पष्ट हो जाती है। लेकिन कोर्ट इस तर्क से संतुष्ट नहीं हुआ और उसने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि गलत दस्तावेज पेश किए गए। सुनवाई के दौरान पवन खेड़ा ने भावुक होते हुए कहा, “क्या मैं ऐसा शातिर अपराधी हूं कि मुझे इस तरह देखा जा रहा है?” हालांकि कोर्ट ने इस पर कोई नरमी नहीं दिखाई और अपने फैसले पर कायम रहा।
क्या है पूरा मामला, कैसे शुरू हुआ विवाद
यह पूरा मामला असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की पत्नी रिंकी भुइयां पर लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि उनके पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं। इसके बाद रिंकी भुइयां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज हुआ। जांच के दौरान असम पुलिस खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर भी पहुंची, लेकिन वे वहां नहीं मिले। इसके बाद उन्होंने तेलंगाना हाईकोर्ट से ट्रांजिट बेल ली, जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। फिलहाल, यह मामला कानूनी मोड़ पर है और अब सबकी नजर गुवाहाटी हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है।
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