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आखिर क्यों एक IAS अधिकारी के समर्थन में उमड़ पड़ा जनसैलाब? सड़कों पर उतरे लोग, हाथों में दिखे भावुक पोस्टर

IAS रिंकू सिंह राही के तबादले के विरोध में जालौन में छात्रों, युवाओं और ग्रामीणों ने बड़ा प्रदर्शन किया।

जालौन

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में उस समय अलग नजारा देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में छात्र, युवा और ग्रामीण एक आईएएस अधिकारी के समर्थन में सड़कों पर उतर आए। मामला चर्चित आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही के तबादले से जुड़ा है। शनिवार को उरई कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया और उनकी दोबारा जालौन में तैनाती की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने जालौन चौराहे से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान लोगों के हाथों में कई पोस्टर और बैनर दिखाई दिए, जिन पर रिंकू सिंह राही के समर्थन में नारे लिखे थे। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि अधिकारी ने अपने कार्यकाल में आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए लगातार काम किया।

तबादले के बाद बढ़ा लोगों का गुस्सा

रिंकू सिंह राही का तबादला हाल ही में एक विवाद के बाद किया गया था। बताया जाता है कि एक राजनीतिक प्रतिनिधि के साथ हुए विवाद और कथित धक्का-मुक्की की घटना के बाद उन्हें जालौन से हटाकर उरई भेज दिया गया। इसके बाद से ही क्षेत्र में इस फैसले को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। अब उनके समर्थन में लोग खुलकर सामने आने लगे हैं। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों ने ऐसे पोस्टर उठाए हुए थे, जिनमें लिखा था कि ईमानदार अधिकारियों का सम्मान होना चाहिए। लोगों का मानना है कि अगर जनता के बीच लोकप्रिय और सक्रिय अधिकारियों का इस तरह तबादला किया जाएगा तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग उनकी वापसी की मांग कर रहे हैं।

छात्रों और ग्रामीणों ने रखी अपनी बात

प्रदर्शन में शामिल छात्रों और ग्रामीणों ने कहा कि रिंकू सिंह राही ने अपने कार्यकाल के दौरान लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दी। उनका कहना था कि अधिकारी ने बिना किसी भेदभाव के काम किया और आम लोगों तक प्रशासन की पहुंच आसान बनाई। कई छात्रों ने कहा कि वे पहली बार किसी प्रशासनिक अधिकारी के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि ऐसे अधिकारियों का मनोबल बढ़ाया जाना चाहिए। ग्रामीणों का भी कहना था कि रिंकू सिंह राही के रहते हुए कई स्थानीय समस्याओं का समाधान हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उनके मामले पर दोबारा विचार किया जाए।

अब प्रशासन और सरकार के फैसले पर नजर

इस पूरे घटनाक्रम के बाद जालौन और आसपास के क्षेत्रों में यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन देकर अपनी मांगें रख दी हैं और अब सभी की नजर सरकार और संबंधित अधिकारियों के अगले कदम पर है। हालांकि अभी तक इस मांग को लेकर कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी इस मामले को लेकर चर्चा जारी है। फिलहाल इतना तय है कि रिंकू सिंह राही के समर्थन में सामने आया यह जनसमर्थन लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है और क्या प्रदर्शनकारियों की मांग पूरी हो पाती है या नहीं।

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