नई दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन (IABF) की ओर से आयोजित पहली प्रो बॉक्सिंग लीग का ग्रैंड फिनाले शानदार माहौल में संपन्न हुआ। पांच दिनों तक चले इस आयोजन में देश के अलग-अलग राज्यों से आए मुक्केबाजों ने दमदार प्रदर्शन कर दर्शकों का दिल जीत लिया। अंतिम दिन स्टेडियम खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और उनके परिवारों से खचाखच भरा रहा। पूरे कार्यक्रम के दौरान मुकाबलों के साथ संगीत और उत्साह का ऐसा माहौल देखने को मिला जिसने इसे यादगार बना दिया। प्रतियोगिता के समापन पर आयोजकों ने इसे भारतीय मुक्केबाजी के लिए नई शुरुआत बताया।
बड़े नेताओं और मेहमानों की मौजूदगी ने बढ़ाई आयोजन की गरिमा
समापन समारोह की शुरुआत भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद अरुण सिंह ने दीप प्रज्वलित कर की। कार्यक्रम में इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान असम सरकार के कैबिनेट मंत्री अशोक सिंघल, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और इस लीग को युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच बताया। आयोजकों ने तकनीकी अधिकारियों, पूर्व खिलाड़ियों और खेल जगत से जुड़े लोगों को भी सम्मानित किया।
विजेताओं पर इनामों की बारिश, बाइक और स्कूटी बनी सबसे बड़ा आकर्षण
ग्रैंड फिनाले के मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार खेल भावना और बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन किया। अलग-अलग भार वर्गों में राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों ने स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम किए। पुरुष वर्ग के सभी स्वर्ण पदक विजेताओं को होंडा मोटरसाइकिल, स्वर्ण पदक और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया, जबकि महिला वर्ग की चैंपियन खिलाड़ियों को स्कूटी, स्वर्ण पदक और ट्रॉफी प्रदान की गई।
भारतीय मुक्केबाजी को मिलेगा नया मंच, युवाओं के लिए खुलेंगे बड़े अवसर
समापन समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर देते हैं और उनकी मेहनत को पहचान दिलाते हैं। वहीं भाजपा महासचिव अरुण सिंह ने कहा कि प्रो बॉक्सिंग लीग के माध्यम से भारतीय मुक्केबाजों को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान मिलेगी।