तेलंगाना के निजामाबाद जिले के अरमूर क्षेत्र में एक स्कूल के भीतर हुई घटना ने शिक्षा जगत और राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है। जानकारी के अनुसार, एक निजी स्कूल में उर्दू शिक्षक छात्रों को पढ़ा रहे थे, तभी कुछ लोग स्कूल परिसर में पहुंच गए और कक्षा के भीतरहंगामा शुरू हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि शिक्षक आमेर उस समय उर्दू की कक्षा ले रहे थे। चूंकि उर्दू तेलंगाना की दूसरी आधिकारिक भाषा है, इसलिए स्कूल में छात्रों के लिए उर्दू की पढ़ाई की व्यवस्था की गई थी। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर नाराजगी देखने को मिल रही है और मामले की जांच की मांग उठ रही है।
A group of BJP goons barged into the campus of a school in Hyderabad, Telangana and slapped a teacher who was teaching Urdu, right in front of the police.@revanth_anumula, these police officials must be suspended, and these goons must be punished strictly. They now have a… pic.twitter.com/XYON4VzRAp
— Dr. Shama Mohamed (@drshamamohd) June 28, 2026
शिक्षक संग कथित मारपीट पर लोगों में आक्रोश
घटना को लेकर सामने आए वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कुछ लोगों ने स्कूल में प्रवेश कर शिक्षक के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनके साथ मारपीट की। इस दौरान स्कूल का माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय लोगों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि किसी भी शिक्षक के साथ ड्यूटी के दौरान इस प्रकार का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनका मानना है कि यदि शिक्षकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होंगे तो इसका सीधा असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा। कई संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। घटना के बाद स्कूल के छात्रों और अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है।
कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने उठाए सवाल
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने घटना को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने वायरल वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि स्कूल परिसर में घुसकर शिक्षक के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने राज्य सरकार से मामले की गंभीरता से जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही उन्होंने उन पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए, जो कथित रूप से मौके पर मौजूद थे। शमा मोहम्मद ने कहा कि शिक्षा संस्थानों में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और ऐसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
जांच और कार्रवाई की मांग तेज
घटना सामने आने के बाद अब सभी की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने मांग की है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच हो और सच्चाई सामने लाई जाए। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि घटना को लेकर कितने लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है और जांच किस स्तर तक पहुंची है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। शिक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि स्कूल और कॉलेज जैसे संस्थान सीखने और पढ़ाने की जगह हैं, इसलिए वहां किसी भी तरह की हिंसा या दबाव की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई से इस मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है।
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