तमिलनाडु की राजनीति में वह क्षण आ गया है जिसका इंतजार लाखों प्रशंसक और राजनीति के जानकार लंबे समय से कर रहे थे। सुपरस्टार से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय कल यानी रविवार को दोपहर 3.15 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। महज तीन साल पहले अपनी पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) बनाने वाले विजय ने द्रविड़ राजनीति के स्थापित किलों को ढहाते हुए सत्ता के शिखर तक का सफर तय किया है। राजभवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात के बाद विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश किया और समर्थन पत्र सौंपे। यह न केवल टीवीके के लिए, बल्कि राज्य की जनता के लिए भी एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।
कैबिनेट का समीकरण: युवाओं और अनुभव का संगम
नई सरकार के गठन के साथ ही सबकी निगाहें विजय की कैबिनेट पर टिकी थीं। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के साथ 9 मंत्री भी पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। टीवीके की ओर से जिन नामों पर मुहर लगी है, उनमें अनुभवी सेंगोत्तियन, अधव अर्जुन, एन आनंद, अरुण राज, निर्मल कुमार और राजमोहन के नाम शामिल हैं। इन चेहरों के चयन में विजय ने क्षेत्रीय संतुलन और युवाओं की भागीदारी का विशेष ध्यान रखा है। पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं में इन नामों को लेकर काफी उत्साह है, क्योंकि ये सभी नेता पार्टी के शुरुआती दौर से ही विजय के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते रहे हैं।
कांग्रेस का हाथ, टीवीके का साथ: गठबंधन की नई इबारत
इस नई सरकार की सबसे दिलचस्प बात टीवीके और कांग्रेस का गठबंधन है। मंत्रिमंडल में कांग्रेस के तीन विधायकों को भी जगह दी गई है, जो इस बात का संकेत है कि विजय राज्य में एक समावेशी और स्थिर शासन देना चाहते हैं। कांग्रेस के तीन मंत्रियों के शामिल होने से सरकार को प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ एक राष्ट्रीय दल का वैचारिक समर्थन भी मिलेगा। राज्यपाल को सौंपे गए समर्थन पत्र में भी कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों की अहम भूमिका रही है। जानकारों का मानना है कि यह गठबंधन आने वाले समय में तमिलनाडु की सामाजिक और आर्थिक नीतियों में बड़े बदलाव ला सकता है।
शपथ ग्रहण की तैयारियां और समर्थकों का हुजूम
कल दोपहर का समय तमिलनाडु के इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह को लेकर चेन्नई समेत पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। टीवीके के समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और राज्य के अलग-अलग हिस्सों से लोग अपने चहेते नेता को मुख्यमंत्री बनते देखने के लिए राजधानी की ओर कूच कर रहे हैं। ‘थलपति’ के नाम से मशहूर विजय के लिए चुनौती बड़ी है, क्योंकि उन्हें पुरानी व्यवस्थाओं से हटकर अपनी उन घोषणाओं को अमली जामा पहनाना है, जिसका वादा उन्होंने पार्टी के गठन के समय किया था। अब देखना होगा कि 9 मंत्रियों की यह टीम विजय के नेतृत्व में राज्य को विकास की किस नई ऊंचाई पर ले जाती है।