मध्य प्रदेश के उज्जैन में मुहर्रम जुलूस के दौरान हुई एक घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। शहर के नई सड़क क्षेत्र में निकले जुलूस के दौरान कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक हाथों में लाठी-डंडे लिए दिखाई देते हैं और कुछ ही पलों बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के दौरान जुलूस में शामिल कुछ लोगों को हल्की चोटें भी आईं, हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। खास बात यह है कि घटना के बाद अब तक किसी भी पक्ष ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
जुलूस के दौरान कैसे बिगड़ा माहौल?
जानकारी के मुताबिक यह घटना शुक्रवार रात उस समय हुई जब मुहर्रम का जुलूस नई सड़क क्षेत्र से गुजर रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ युवक पहले से ही मौके पर मौजूद थे और उनके हाथों में डंडे दिखाई दे रहे थे। जैसे ही जुलूस आगे बढ़ा, अचानक विवाद की स्थिति बन गई और मारपीट शुरू हो गई। इससे वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। कई लोग अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। घटना के बाद कुछ लोगों ने कथित हमलावरों को पकड़ने का प्रयास भी किया, लेकिन वे मौके से निकल गए। पुलिस अब वायरल वीडियो, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य उपलब्ध फुटेज की मदद से पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है, ताकि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
उज्जैन में मुहर्रम के दौरान विवाद की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी बेगमबाग क्षेत्र में घोड़ा जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच कहासुनी और मारपीट का मामला सामने आया था। वहीं जिले के बड़नगर कस्बे का एक वीडियो भी हाल ही में काफी चर्चा में रहा, जिसमें एक वाहन को क्रेन से ऊंचाई पर उठाकर उस पर स्टंट किया गया था। वीडियो में वाहन पर सवार कुछ लोग झंडे लहराते दिखाई दिए और बाद में विस्फोट जैसा दृश्य भी नजर आया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह किसी विस्फोटक से नहीं, बल्कि एक साथ कई पटाखा-नुमा रॉकेट चलने के कारण हुआ था। इस मामले में पुलिस ने आयोजकों और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू की है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच जारी
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद धार्मिक जुलूसों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नई सड़क की घटना में भले ही अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली हो, लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है और लोगों से भी अफवाहों से बचने तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई है।
