संसद के मानसून सत्र के आखिरी सप्ताह में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है। संसद परिसर में NDA और विपक्षी INDIA गठबंधन के सांसद अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करते नजर आए। दोनों पक्षों के सांसद संसद के मकर द्वार के पास आमने-सामने भी आ गए, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने बीच में घेरा बनाकर स्थिति संभाली। NDA सांसद झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे थे, जबकि विपक्षी सांसद अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चंदे के कथित गड़बड़ी के आरोप और दिल्ली में छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे। NDA सांसदों ने राहुल गांधी पर चर्चा से बचने का आरोप लगाते हुए ‘राहुल गांधी जवाब दो’ जैसे नारे भी लगाए।
खरगे बोले- हमारी मांग आज भी वही
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष ने अपना रुख नहीं बदला है। उनका कहना है कि छात्रों पर हुई कार्रवाई के मामले में सरकार को सदन में आकर यह बताना चाहिए कि लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया। खरगे ने कहा कि इस मामले को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। वहीं समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। दूसरी तरफ बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पहले भी चर्चा से बचते रहे हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं और विपक्ष को सदन से बाहर जाने के बजाय बहस में हिस्सा लेना चाहिए।
BJP के कई नेताओं ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी से सवाल किया कि झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर वह चुप क्यों हैं। उन्होंने झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग करते हुए विपक्ष पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। वहीं केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह छात्रों के आंदोलन से जुड़े मुद्दे पर सदन में जानकारी देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि लगातार हंगामा करने के बजाय दोनों पक्षों को चर्चा करनी चाहिए। इस बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है और संसद की कार्यवाही पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है।
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