MP के सतना जिला अस्पताल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल की पहली मंजिल पर अचानक एक बाइक दिखाई देने से मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मचारियों में हलचल मच गई। शुरुआत में लोगों को लगा कि किसी ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए बाइक अस्पताल के अंदर पहुंचा दी है। लेकिन जब पूरे मामले की जानकारी सामने आई तो पता चला कि इसके पीछे एक मरीज और उसके परिजनों की परेशानी जुड़ी हुई थी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
स्ट्रेचर नहीं मिलने पर युवक ने उठाया अनोखा कदम
जानकारी के अनुसार, एक युवक अपने घायल परिजन को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आया था। डॉक्टरों ने मरीज की हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर करने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि मरीज को वार्ड से नीचे ले जाने के लिए काफी देर तक स्ट्रेचर नहीं मिला। मरीज की हालत को लेकर चिंतित युवक ने कई बार मदद मांगने की कोशिश की, लेकिन जब उसे समय पर सुविधा नहीं मिली तो उसने खुद ही उपाय निकालने का फैसला किया। इसी के तहत वह बाइक लेकर अस्पताल के पिछले हिस्से से पहली मंजिल तक पहुंच गया। वहां मौजूद लोग यह देखकर हैरान रह गए कि अस्पताल के अंदर बाइक कैसे पहुंच गई।
मरीज की हालत ने बदल दिया पूरा प्लान
बताया जा रहा है कि युवक अपने परिजन को बाइक पर बैठाकर नीचे ले जाने की सोच रहा था, ताकि उन्हें जल्द से जल्द दूसरे अस्पताल पहुंचाया जा सके। लेकिन जब उसने मरीज को बाइक पर बैठाने की कोशिश की, तो उनकी गंभीर हालत को देखते हुए यह संभव नहीं हो सका। मरीज ने भी बाइक से जाने में असमर्थता जताई। इसके बाद युवक बिना मरीज को साथ लिए वापस लौट गया। हालांकि इस दौरान अस्पताल में मौजूद कई लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई।
जांच के बाद मरीज को मिली सुविधा, उठे कई सवाल
मामले की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराई, जिसमें पता चला कि युवक किसी तरह का हंगामा करने नहीं आया था, बल्कि अपने परिजन की हालत को लेकर परेशान था। इसके बाद मरीज के लिए तुरंत स्ट्रेचर की व्यवस्था की गई और उसे एम्बुलेंस से बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि मरीज पहले से घायल था और इलाज के दौरान उसे दूसरे अस्पताल भेजने की जरूरत पड़ी थी। इस घटना ने अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होतीं, तो शायद ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।
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