पूर्व पत्रकार और ‘तहलका’ मैगजीन के संस्थापक संपादक तरुण तेजपाल को रेप मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गोवा पीठ ने निचली अदालत के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें उन्हें बरी किया गया था। हाईकोर्ट ने उपलब्ध सबूतों और रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद उन्हें दोषी करार दिया। अदालत ने साफ किया कि अब सजा का निर्धारण कानून के अनुसार किया जाएगा। फैसले के दौरान तरुण तेजपाल कोर्ट में मौजूद रहे। दोषी ठहराए जाने के बाद उन्होंने अदालत से सजा में नरमी बरतने की अपील की और कहा कि वह इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
कोर्ट में भावुक हुए तेजपाल, बोले- मैं 62 साल का हूं
सुनवाई के दौरान तरुण तेजपाल ने अदालत के सामने अपनी व्यक्तिगत परिस्थितियों का जिक्र करते हुए राहत की मांग की। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 62 वर्ष है, उनका परिवार है और वह दो बेटियों के पिता हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह खुद को राजनीतिक साजिश का शिकार मानते हैं। वहीं उनके वकील ने अदालत से कम से कम सजा देने की अपील की। बचाव पक्ष ने यह भी अनुरोध किया कि दोषसिद्धि और सजा के प्रभाव पर कुछ समय के लिए रोक लगाई जाए, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने का अवसर मिल सके। हालांकि अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों की दलीलें सुनीं और कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया जारी रखी।
सरकार ने मांगी कड़ी सजा, कानून की इन धाराओं में ठहराए गए दोषी
मामले की सुनवाई के दौरान गोवा सरकार की ओर से पेश पक्ष ने अदालत से अधिकतम सजा देने की मांग की। उनका तर्क था कि ऐसे मामलों में कड़ा संदेश जाना जरूरी है ताकि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े कानूनों का सख्ती से पालन हो। हाईकोर्ट ने तरुण तेजपाल को भारतीय दंड संहिता की उन धाराओं के तहत दोषी माना है, जो दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न और महिला के साथ आपराधिक बल प्रयोग से संबंधित हैं। इन धाराओं में दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार न्यूनतम 10 साल की सजा से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। अंतिम सजा का फैसला अदालत द्वारा तय किया जाएगा।
2013 की घटना से शुरू हुआ मामला, 2021 में मिली थी राहत
यह मामला नवंबर 2013 का है, जब गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एक महिला सहकर्मी ने तरुण तेजपाल पर होटल की लिफ्ट में यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म का आरोप लगाया था। शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की जांच हुई और कई वर्षों तक कानूनी प्रक्रिया चली। वर्ष 2021 में ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के आधार पर तेजपाल को बरी कर दिया था। इसके बाद गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी। अब हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए उन्हें दोषी करार दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचेगा, जहां अंतिम कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। इस फैसले पर देशभर की कानूनी और मीडिया जगत की नजर बनी हुई है।
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