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BJP के इस फैसले से क्यों भड़के हजारों समर्थक? 11 घंटे तक जाम रहा हाईवे, कई बड़े अफसर हुए घायल

दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने पर समर्थकों का बड़ा विरोध प्रदर्शन। नेशनल हाईवे-44 पर 11 घंटे जाम, पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव, कई अधिकारी घायल। जानिए पूरा मामला।

नरोत्तम मिश्रा

मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार सूची सामने आते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया। BJP पार्टी ने पूर्व गृह मंत्री और दिग्गज नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट न देकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। इस फैसले के बाद मिश्रा समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। शुरुआत में विरोध शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में यह आंदोलन बड़े प्रदर्शन में बदल गया। शहर के कई हिस्सों में नारेबाजी हुई और बाजारों पर भी इसका असर दिखाई दिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दतिया भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है, इसलिए टिकट वितरण को लेकर उठी नाराजगी ने संगठन के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।

नेशनल हाईवे पर लगा लंबा जाम

विरोध प्रदर्शन का सबसे बड़ा असर नेशनल हाईवे-44 पर देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। जानकारी के अनुसार करीब 11 घंटे तक हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। इस जाम का असर केवल दतिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्वालियर, झांसी, शिवपुरी और आसपास के क्षेत्रों में भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई बसें, निजी वाहन और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन भी फंस गए। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों से यातायात संचालित करने की कोशिश की, लेकिन लंबा जाम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कई बार बातचीत कर रास्ता खोलने की अपील की, लेकिन देर रात तक स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव

स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कुछ प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद की खबर सामने आई। प्रशासन के मुताबिक हालात बिगड़ने पर पत्थरबाजी की घटनाएं भी हुईं। इसके बाद पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। तनाव बढ़ने पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस पूरे घटनाक्रम में कई पुलिस अधिकारी और जवान घायल हो गए। रिपोर्ट के अनुसार एसडीओपी, पुलिस अधीक्षक (SP), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) समेत कुल आठ पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। कुछ सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए गए और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई।

नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों से की शांति बनाए रखने की अपील

विवाद और विरोध प्रदर्शन के बीच डॉ. नरोत्तम मिश्रा पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए। उन्होंने अपने समर्थकों से शांत रहने और पार्टी के निर्णय का सम्मान करने की अपील की। मिश्रा ने कहा कि संगठन सर्वोपरि होता है और किसी भी कार्यकर्ता को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचे। उन्होंने भावनाओं में बहकर किसी भी तरह का उग्र कदम उठाने से बचने की सलाह दी। दूसरी ओर भाजपा नेतृत्व भी नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने की कोशिश में जुट गया है। गौरतलब है कि दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई थी और अब यहां 30 जुलाई को मतदान होना है। जबकि मतगणना 3 अगस्त को होगी। ऐसे में चुनाव से पहले भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने संगठन को एकजुट रखना और नाराज समर्थकों को साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरना है।

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