Home देश हरदोई में भीषण सड़क हादसा: गंगा एक्सप्रेसवे से 20 फीट नीचे गिरी...

हरदोई में भीषण सड़क हादसा: गंगा एक्सप्रेसवे से 20 फीट नीचे गिरी स्लीपर बस, 36 यात्री लहूलुहान, 12 गंभीर

हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे पर बड़ा सड़क हादसा। सिद्धार्थनगर से दिल्ली जा रही स्लीपर बस 20 फीट नीचे गिरी, 36 यात्री घायल, 12 की हालत नाजुक।

हरदोई

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर शनिवार और रविवार की मध्य रात्रि एक ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने हर किसी का दिल दहला दिया। सिद्धार्थनगर के बांसी से सवारियों को लेकर दिल्ली जा रही एक तेज रफ्तार डबल डेकर स्लीपर बस पचदेवरा थाना क्षेत्र के भाहपुर सपहा गांव के पास अचानक अनियंत्रित हो गई। रफ्तार इतनी तेज थी कि बस एक्सप्रेसवे की सुरक्षा रेलिंग को तोड़ते हुए करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी। हादसा रात के करीब दो बजे हुआ, जब ज्यादातर यात्री गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक हुए इस जोरदार धमाके और बस के पलटने से मौके पर चीख-पुकार मच गई। बस के परखच्चे उड़ चुके थे और चारों तरफ बस दर्द से कराहते लोगों की आवाजें गूंज रही थीं।

मोबाइल फोन पर बात कर रहा था ड्राइवर, 100 जिंदगियों के साथ खिलवाड़

इस भीषण दुर्घटना के पीछे जो वजह सामने आ रही है, वह बेहद चौंकाने वाली और गुस्से से भर देने वाली है। बस में सवार प्रत्यक्षदर्शी और पेशे से वकील विनय कुमार यादव ने बताया कि डबल डेकर बस में क्षमता से अधिक करीब 100 यात्री सवार थे। यात्रा के दौरान बस का चालक लगातार मोबाइल फोन पर बातचीत करने में व्यस्त था। यात्रियों ने उसे टोकने की कोशिश भी की, लेकिन उसने अनदेखा कर दिया। इसी लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि भाहपुर सपहा गांव के पास चालक का स्टीयरिंग पर से नियंत्रण पूरी तरह छूट गया। पलक झपकते ही बस रेलिंग को चीरती हुई नीचे जा गिरी। हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक और परिचालक मानवता को शर्मसार करते हुए घायलों को तड़पता छोड़ मौके से फरार हो गए।

लोकल लोग और पुलिस बने देवदूत, अंधेरे में ऐसे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे के बाद गंगा एक्सप्रेसवे के नीचे का नजारा बेहद भयावह था। रात के सन्नाटे में दूर-दूर तक सिर्फ मदद की गुहार सुनाई दे रही थी। स्थानीय ग्रामीणों ने जैसे ही धमाके की आवाज सुनी, वे तुरंत घटना स्थल की ओर दौड़े। सूचना मिलते ही पचदेवरा थाना के प्रभारी निरीक्षक राकेश यादव अपनी पुलिस टीम और एंबुलेंस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। टॉर्च और मोबाइल की रोशनी के सहारे तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। बस की सीटें और यात्रियों का सामान इस कदर आपस में फंस गए थे कि लोगों को बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण था। पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बस की खिड़कियां और हिस्से तोड़कर फंसे हुए यात्रियों को बाहर निकाला और तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया।

36 यात्री लहूलुहान, 12 की हालत बेहद नाजुक; सिद्धार्थनगर और बस्ती में पसरा मातम

इस दर्दनाक हादसे में 6 मासूम बच्चों समेत कुल 36 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से 12 लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम घायलों की जान बचाने में जुटी हुई है। घायलों में मुख्य रूप से सुनील कुमार, अमित कुमार, कृष्ण मोहन, गीता यादव, विनय कुमार यादव, विशाल, अनिल, सचिन, कृष्णा पाण्डेय, बनवारीलाल, राहुल यादव, राहुल पाठक, शहजाद, अजय, तबस्सुम, राजेश, अंशिका, आंचल, मोहन कुमार, अकबर अली, मुन्ना, हैदर अली, साजिद, अफजल, मनोज पाठक, गीता, अर्जुन, दिव्यांश, दिव्यांशी, अर्पित शुक्ला, अनुराधा, आरव, अनवि, राधेश्याम और मोवेंद्र शामिल हैं। ये सभी लोग सिद्धार्थनगर और बस्ती जिले के रहने वाले हैं, जो रोजी-रोटी और अन्य कामों के सिलसिले में दिल्ली जा रहे थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।

Read More-ई-रिक्शा से पार्किंग पहुंची महिला, दूसरी मंजिल पर गई और फिर हुआ कुछ ऐसा कि मच गया हड़कंप

Exit mobile version