देश में रसोई गैस की किल्लत अब धीरे-धीरे कम होने लगी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने शुक्रवार को दैनिक ब्रीफिंग में कहा कि एलपीजी की सप्लाई सामान्य बनी हुई है और कहीं भी गैस खत्म होने की स्थिति नहीं है। उत्पादन को बढ़ाया गया है ताकि घरेलू जरूरतें पूरी हो सकें। इसके अलावा पैनिक बुकिंग में भी कमी आई है और एक दिन में लगभग 55 लाख रीफिल बुकिंग दर्ज हुई हैं, जो संकेत है कि आम लोगों को अब रसोई गैस की कमी से जूझना नहीं पड़ेगा।
एलपीजी पर दबाव कम करने की रणनीति
सरकार ने एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए 13,700 से ज्यादा पीएनजी कनेक्शन प्रदान किए हैं। पिछले एक हफ्ते में लगभग 11,300 टन कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई की गई और करीब 7,500 उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी की ओर शिफ्ट हो चुके हैं। राज्य सरकारों से वितरण पर निगरानी और सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सप्लाई में कोई बाधा न आए। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता मिलती है और संकट के बीच आपूर्ति सुनिश्चित रहती है।
होर्मुज स्ट्रेट और वैश्विक तेल संकट
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इज़राइल के ईरान संग तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया है, जो भारत के आयात का लगभग 60% सुनिश्चित करता है। इतनी बड़ी मात्रा में आपूर्ति अचानक बंद होने से सरकार ने घरेलू रसोई के लिए सप्लाई को प्राथमिकता दी। हालांकि, कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है, खासकर होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीटफूड बिजनेस के लिए। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिए, लेकिन साधारण पेट्रोल की कीमत स्थिर बनी है।
सरकार की रणनीति और सतर्कता
सुजाता शर्मा ने यह भी माना कि भारत ऊर्जा के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर नहीं है और अभी भी आयात पर निर्भर है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सरकार लगातार नए स्रोत तलाश रही है। घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है, उत्पादन बढ़ाया गया है और पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा दिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक संकट जारी रहता है तो व्यावसायिक एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना बनी हुई है।
