Maharashtra News: महाराष्ट्र के धाराशिव जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने बहादुरी की मिसाल पेश कर दी। देर रात करीब 12:30 बजे अंधेरे और बिजली कटौती का फायदा उठाकर हथियारबंद लुटेरे एक फार्महाउस में घुस गए। यह घर 70 वर्षीय रिटायर्ड सूबेदार विश्वनाथ मुरलीधर जगताप का था, जो अपनी पत्नी के साथ वहां रहते हैं। लुटेरों को लगा कि घर में बुजुर्ग दंपति होने के कारण उन्हें आसानी से निशाना बनाया जा सकता है, लेकिन उनका यह अंदाजा पूरी तरह गलत साबित हुआ। जैसे ही घर में हलचल हुई, जगताप ने स्थिति को समझते हुए तुरंत लुटेरों का सामना करने का फैसला किया।
चाकू के कई वार झेलकर भी नहीं हटे पीछे
रिटायर्ड सैनिक होने के कारण विश्वनाथ जगताप ने बिना डरे लुटेरों का डटकर मुकाबला किया। उन्होंने अकेले ही 6-7 हथियारबंद बदमाशों से भिड़ंत कर दी। इस दौरान लुटेरों ने उन पर चाकू से कई बार हमला किया, जिससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। बताया जा रहा है कि उन पर पांच से छह बार धारदार हथियार से वार किया गया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। घायल होने के बाद भी वह लगातार आवाज लगाते रहे, जिससे आसपास के लोग जाग गए। उनकी हिम्मत और जज्बे ने लुटेरों को घबराने पर मजबूर कर दिया।
लोगों के जुटते ही भागे लुटेरे
जगताप की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचने लगे। जैसे ही लुटेरों ने लोगों की भीड़ देखी, वे घबराकर मौके से फरार हो गए। हालांकि जाते-जाते वे घर से सोने के गहने और करीब 60 हजार रुपये नकद लेकर भागने में सफल रहे। इस हमले में जगताप गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया और फिलहाल उनका पुणे के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिवार के अन्य सदस्य सुरक्षित हैं, जिसे इस घटना में सबसे बड़ी राहत माना जा रहा है।
24 घंटे में 7 संदिग्ध गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय अपराध शाखा और परांडा पुलिस की कई टीमें गठित की गईं। तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर 7 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। उनसे पूछताछ जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
