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23 दिन से सड़कों पर छात्र, 13 दिन से अनशन… अब 20 अगस्त को CM आवास घेरने की तैयारी

JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ रांची में छात्रों का आंदोलन 23वें दिन भी जारी है। अनशन, तिरंगा यात्रा और 20 अगस्त को CM आवास घेराव के ऐलान से बढ़ा तनाव।

Ranchi Student Protest

Ranchi Student Protest: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन 23वें दिन भी जारी है। कई दिनों से भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की हालत बिगड़ने की बात सामने आई है। वहीं 15 अगस्त को तिरंगा यात्रा में शामिल होने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भी तनाव देखने को मिला।

23वें दिन भी जारी रहा छात्रों का आंदोलन

रांची में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छात्रों ने तिरंगा यात्रा निकाली। यह यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग दोहराई। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

अनशन कर रहे छात्र का छलका दर्द

प्रदर्शनकारी छात्र प्रेम नायक ने दावा किया कि आंदोलन का 23वां और भूख हड़ताल का 13वां दिन है। उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत लगातार खराब हो रही है और उन्हें बुखार भी है। प्रेम नायक के मुताबिक, प्रशासन उन्हें इलाज के लिए ले जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान भी किया है। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं की कथित गड़बड़ियों की जांच CBI या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से कराने की मांग कर रहे हैं।

देवेंद्र महतो को अस्पताल से बाहर जाने से रोका गया

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी अनशन पर हैं और 15 अगस्त की तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहते थे। हालांकि, रांची के सदर अस्पताल परिसर से बाहर निकलने के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। प्रशासन और डॉक्टरों का कहना था कि लंबे समय से अनशन के कारण महतो की तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए उन्हें अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। प्रदर्शनकारियों ने इसे आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश बताया। इस दौरान अस्पताल परिसर में पुलिस की मौजूदगी भी बढ़ा दी गई।

पूर्व JPSC सदस्य के दावे से बढ़ी सियासी हलचल

इसी बीच पूर्व JPSC सदस्य एनिमा हांसदा के कथित बयान ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े सवाल उठाने पर उन्हें तत्कालीन JPSC अध्यक्ष की ओर से पद से हटाने की धमकी दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने जिन मामलों में गड़बड़ी देखी, उनकी जानकारी संबंधित स्तर पर दी थी। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छात्रों को पेपर लीक माफिया के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। प्रदर्शनकारी अब सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

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