तीन राज्यों की 11 राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार, 16 मार्च को वोटिंग सुबह 9 बजे शुरू हुई। इसमें बिहार की पांच, ओडिशा की चार और हरियाणा की दो सीटें शामिल थीं। मतदान के दौरान ओडिशा से बड़ी खबर सामने आई, जहां बीजेपी और बीजू जनता दल (BJD) के विधायकों के बीच हाथापाई की घटना हुई। इस झड़प से विधानसभा परिसर में तनाव फैल गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाथापाई का कारण वोटिंग प्रक्रिया के दौरान कुछ विधायकों की आपसी नासमझी और संभावित क्रॉस वोटिंग थी। घटना के दौरान सुरक्षा कर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया गया।
दो हरियाणा MLAs ने वोटिंग से किया परहेज
राज्यसभा चुनाव के दौरान हरियाणा की दो सीटों पर भी मतदान हो रहा था। इस बीच खबर मिली कि इनेला के दो विधायक ने वोट नहीं डाला। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह कदम चुनाव परिणामों पर असर डाल सकता है, क्योंकि हर वोट महत्वपूर्ण माना जाता है। हरियाणा में कुल दो सीटों के लिए दो उम्मीदवार मैदान में हैं, और विधायकों की गैरहाजिरी से सत्ताधारी दल की रणनीति पर सवाल उठ सकते हैं। वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि इस तरह की गैरहाजिरी से राजनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।
बिहार में पांच राज्यसभा सीटों के लिए वोटिंग जारी
बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए पांच सीटों पर मतदान जारी है। बिहार में कुल उम्मीदवारों की संख्या पांच से अधिक थी, लेकिन 26 सीटें पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी हैं। बिहार में कई राजनीतिक दलों के बीच संख्याबल और रणनीति महत्वपूर्ण रही है। आरजेडी और एनडीए के बीच मतों का गणित और संभावित क्रॉस वोटिंग के कारण चुनाव रोमांचक बना हुआ है। बीते कुछ चुनावों की तरह, यह चुनाव भी सत्ता और गठबंधन रणनीति को उजागर करता नजर आ रहा है।
राज्यसभा चुनावों का असर और राजनीतिक विश्लेषण
देश में कुल 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना था, लेकिन इनमें से 26 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। बची हुई 11 सीटों के लिए आज मतदान जारी है, जिसमें बिहार, ओडिशा और हरियाणा शामिल हैं। राज्यसभा चुनाव की इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के संख्याबल, गठबंधन और संभावित क्रॉस वोटिंग का बड़ा असर देखा जा रहा है। ओडिशा में हुई हाथापाई और हरियाणा में MLA की गैरहाजिरी जैसी घटनाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि चुनाव परिणाम में कई अप्रत्याशित मोड़ आ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाओं के कारण भविष्य में राजनीतिक संतुलन और गठबंधन रणनीति पर प्रभाव पड़ सकता है।
