देश की सुरक्षा से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां Rajasthan इंटेलीजेंस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। आरोपी सुमित कुमार को Air Force Station Chabua से गिरफ्तार किया गया है, जहां वह एक सिविल कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। जांच में सामने आया है कि वह भारतीय वायुसेना से जुड़ी बेहद संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान के हैंडलर्स तक पहुंचा रहा था। इस गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है।
पूछताछ में सामने आया पाकिस्तान कनेक्शन
इंटेलीजेंस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से Pakistan की खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था। वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अपने हैंडलर्स से जुड़ा हुआ था और उन्हें नियमित रूप से जानकारी भेजता था। बताया जा रहा है कि वह अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एयरफोर्स स्टेशन से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं इकट्ठा करता और पैसे के बदले उन्हें साझा करता था।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने न केवल छबुआ एयरफोर्स स्टेशन बल्कि Air Force Station Nal सहित अन्य सैन्य ठिकानों से जुड़ी जानकारी भी लीक की। इनमें लड़ाकू विमानों की लोकेशन, मिसाइल सिस्टम और अधिकारियों से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं शामिल थीं, जो देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील मानी जाती हैं।
2023 से सक्रिय था जासूसी नेटवर्क
अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी वर्ष 2023 से इस नेटवर्क का हिस्सा था और लगातार पाक हैंडलर्स के संपर्क में बना हुआ था। इस पूरे मामले की शुरुआत जनवरी 2026 में एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी से हुई थी, जिसके बाद जांच का दायरा बढ़ता गया और सुमित कुमार का नाम सामने आया।
राजस्थान इंटेलीजेंस और एयरफोर्स इंटेलीजेंस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और Jaipur लाकर पूछताछ की। यहां अलग-अलग एजेंसियों ने मिलकर उससे पूछताछ की, जिसमें कई अहम खुलासे हुए। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने और नेटवर्क को मजबूत करने में भी मदद करता था।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
इस गंभीर मामले में आरोपी के खिलाफ शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है, ताकि उससे और गहराई से पूछताछ की जा सके। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान की जा रही है।
यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि देश की सुरक्षा के खिलाफ काम करने वाले तत्व कितने सक्रिय हैं और उन्हें रोकने के लिए एजेंसियां लगातार सतर्क हैं। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जो देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे।
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