बिहार की सियासत और शासन व्यवस्था से जुड़ी इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सम्राट चौधरी सरकार ने रविवार की छुट्टी के दिन प्रशासनिक अमले में एक बड़ी ‘सर्जरी’ करते हुए बड़े पैमाने पर फेरबदल कर दिया है। सरकार ने राज्य के 12 IAS और 16 IPS अधिकारियों के तबादले की अधिसूचना जारी कर दी है। इस अचानक हुए फैसले ने न सिर्फ सचिवालय बल्कि पुलिस मुख्यालय तक में हड़कंप मचा दिया है। माना जा रहा है कि सुशासन को जमीन पर उतारने और विभागों के कामकाज में ताजगी लाने के उद्देश्य से सरकार ने इन रसूखदार अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है।
स्वास्थ्य और वित्त विभाग में नई टीम: कुमार रवि को मिली बड़ी कमान
बिहार के महत्वपूर्ण विभागों में शुमार स्वास्थ्य और वित्त विभाग में सरकार ने नए चेहरों पर भरोसा जताया है। काफी समय से मुख्यमंत्री सचिवालय में अपनी सेवाएं दे रहे अनुभवी IAS अधिकारी कुमार रवि को अब स्वास्थ्य विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। चूंकि बिहार में स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी निशांत कुमार संभाल रहे हैं, ऐसे में कुमार रवि की नियुक्ति इस विभाग के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। वहीं, सीनियर आईएएस अधिकारी एच. आर. श्रीनिवास को समाज कल्याण विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। दूसरी ओर, वित्त विभाग से आनंद किशोर की विदाई हुई है और अब संजय कुमार सिंह को वित्त सचिव का पूर्ण प्रभार सौंपकर आर्थिक मोर्चे पर मजबूती देने की कोशिश की गई है।
लोकेश सिंह और अजय यादव का बढ़ा कद: विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार
प्रशासनिक गलियारों में इस तबादले के बाद लोकेश कुमार सिंह सबसे प्रभावशाली बनकर उभरे हैं। उन्हें पर्यटन विभाग के साथ-साथ मुख्यमंत्री सचिवालय और विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। ऊर्जा विभाग, जो बिजली आपूर्ति को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहता है, उसकी कमान अब अजय यादव के हाथों में होगी। जल संसाधन विभाग के सचिव के रूप में चंद्रशेखर सिंह को नियुक्त किया गया है, जबकि प्रणव कुमार अब भवन निर्माण विभाग की फाइलों का निपटारा करेंगे। सरकार ने संतोष कुमार मल्ल को आपदा प्रबंधन विभाग का प्रधान सचिव बनाकर यह संकेत दिया है कि आने वाले मॉनसून और आपदाओं से निपटने के लिए एक सख्त अधिकारी की जरूरत है।
पुलिस महकमे में भारी फेरबदल: विकास वैभव और अमित लोढ़ा को नई पोस्टिंग
IPS अधिकारियों की लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला नाम नैयर हसनैन खान का है, जिन्हें आर्थिक अपराध इकाई (EOU) जैसे पावरफुल पद से हटाकर बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस की कमान दी गई है। वहीं, सोशल मीडिया पर बेहद लोकप्रिय और तेज-तर्रार आईपीएस विकास वैभव को मगध रेंज (गया) का आईजी बनाया गया है। अपराधियों पर लगाम कसने के लिए सुधांशु कुमार को एडीजी (विधि-व्यवस्था) की अहम कुर्सी सौंपी गई है। चर्चित अधिकारी अमित लोढ़ा को अब तकनीकी सेवाएं एवं संचार का एडीजी बनाया गया है। इसके अलावा, रंजीत कुमार मिश्र को सीआईडी (अपराध अनुसंधान विभाग) का आईजी नियुक्त किया गया है, जिनसे राज्य में बढ़ते अपराधों की गुत्थी सुलझाने की उम्मीद की जा रही है।
विशेष शाखा और इंटेलिजेंस विंग में भी बदलाव
सरकार ने केवल जिलों या विभागों में ही नहीं, बल्कि इंटेलिजेंस विंग में भी बदलाव किए हैं। संजय कुमार को विशेष शाखा का आईजी बनाया गया है, जो सीधे तौर पर राज्य की आंतरिक सुरक्षा और सूचना तंत्र को देखेंगे। रेलवे की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए डॉ. कमल किशोर सिंह को रेलवे का एडीजी नियुक्त किया गया है। वहीं, निर्मल कुमार आजाद को पुलिस ट्रेनिंग का जिम्मा सौंपा गया है। जानकारों का कहना है कि यह फेरबदल केवल रूटीन ट्रांसफर नहीं है, बल्कि इसके जरिए सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि जो अधिकारी फील्ड में या विभाग में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उन्हें ही बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी।
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