राजस्थान की राजधानी जयपुर में किसानों का आंदोलन देर रात सरकार के आश्वासन के बाद खत्म हो गया। नरेश मीणा की अगुवाई में बड़ी संख्या में किसान अपनी मांगों को लेकर शिवदासपुर टोल प्लाजा पर जुटे थे। किसानों के जमावड़े के कारण हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। कई घंटे तक चले तनाव के बाद सरकार ने किसानों की मांगें मानने का भरोसा दिया, जिसके बाद नरेश मीणा ने आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया।
सरकार से बनी बात तो हाईवे से हटने लगे किसान
किसानों की प्रमुख मांगों में खाद और बीज की उपलब्धता से जुड़ी समस्या का समाधान शामिल था। प्रदर्शन के दौरान नरेश मीणा लगातार मांग कर रहे थे कि सरकार की ओर से किसी जिम्मेदार नेता या अधिकारी को किसानों के बीच आकर स्पष्ट आश्वासन देना चाहिए। इसके साथ ही किसानों की बात मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात किसी जिम्मेदार अधिकारी से कराने की मांग भी उठाई गई थी। देर रात सरकार की ओर से सभी मांगों को मानने का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन खत्म करने का फैसला लिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी धीरे-धीरे शिवदासपुर टोल प्लाजा से हटने लगे और पुलिस ने हाईवे पर यातायात बहाल कराया।
मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे किसान, टोल पर रोका गया
नरेश मीणा के नेतृत्व में किसान अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर रहे थे, लेकिन जयपुर में प्रवेश से पहले ही उन्हें शिवदासपुर टोल प्लाजा पर रोक दिया गया। किसानों की संख्या बढ़ने के साथ मौके पर तनाव भी बढ़ गया था। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार आमने-सामने की स्थिति बनी। कुछ किसानों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश भी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के तहत वाटर कैनन भी तैयार रखी गई थी और हालात बिगड़ने पर आंसू गैस के इस्तेमाल की तैयारी की गई थी।
कई दिनों से यात्रा पर थे नरेश मीणा, जयपुर पहुंचते ही बढ़ा तनाव
नरेश मीणा पिछले कई दिनों से किसानों के साथ यात्रा कर रहे थे। बुधवार शाम यह यात्रा जयपुर की सीमा में पहुंची। जानकारी के अनुसार, नरेश मीणा पूरे रास्ते ठेले पर सवार होकर किसानों के साथ आगे बढ़े। जयपुर पहुंचने से पहले शिवदासपुर टोल प्लाजा पर पुलिस ने किसानों को रोक दिया, जिसके बाद प्रदर्शन तेज हो गया। किसान अपनी मांगों को लेकर हाईवे पर डटे रहे और प्रशासन के साथ बातचीत का दौर चलता रहा। कुछ समय तक बातचीत से कोई समाधान नहीं निकल पाया, जिसके चलते आंदोलन जारी रहा।
आंदोलन खत्म होने के बाद प्रशासन ने ली राहत की सांस
सरकार के आश्वासन के बाद नरेश मीणा ने किसानों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की। इसके बाद प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा से हटने लगे और हाईवे पर वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू कराई गई। आंदोलन खत्म होने के बाद प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। किसानों की मांगों पर सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद अब निगाह इस बात पर रहेगी कि खाद और बीज की उपलब्धता समेत अन्य मुद्दों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल किसानों के हटने के बाद जयपुर हाईवे पर स्थिति सामान्य होने लगी है।
Read More-शादी, फिर पत्नी से दूरी और बेटे को खोने का गम… ऐसी रही नाना पाटेकर की पारिवारिक जिंदगी
