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iPhone की जिद नहीं थी परिवार उजड़ने की वजह? 18 साल के कुणाल को लेकर पुलिस के खुलासे ने बदला पूरा मामला

महाराष्ट्र में तीन मौतों के मामले में iPhone विवाद की थ्योरी पर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक कुणाल के पास पहले से iPhone था और असली वजह की जांच जारी है।

छत्रपति संभाजीनगर

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत के मामले ने सभी को झकझोर दिया है। शुरुआती तौर पर इस घटना को 18 वर्षीय कुणाल चांदगुडे की iPhone लेने की कथित जिद से जोड़कर देखा जा रहा था। हालांकि, अब पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि कुणाल के पास पहले से ही iPhone था। पुलिस के मुताबिक, अभी तक ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है जिससे यह कहा जा सके कि उसने फोन की वजह से यह कदम उठाया। मामले की जांच जारी है और पुलिस कुणाल के तनाव में होने के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

पहले iPhone की जिद को बताया गया था वजह

यह दर्दनाक घटना तीसगांव इलाके की एक पहाड़ी पर हुई। बताया जा रहा है कि 18 वर्षीय कुणाल चांदगुडे काफी देर तक पहाड़ी की ऊंची चट्टान पर खड़ा रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक वहां मौजूद था। इस दौरान उसका व्यवहार परेशान और तनाव में नजर आ रहा था। वह बार-बार अपनी जगह बदल रहा था। परिवार और स्थानीय लोगों ने उसे नीचे आने के लिए काफी समझाया, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुआ। घटना के बाद यह बात सामने आई कि कुणाल कथित तौर पर iPhone लेने की जिद कर रहा था। इसी वजह से शुरुआती चर्चा में परिवार के विवाद को फोन से जोड़ दिया गया। हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बेटे को बचाने गए पिता की भी पहाड़ी से गिरकर मौत

घटना के दौरान कुणाल को बचाने के लिए उसके पिता मुरलीधर चांदगुडे भी पहाड़ी पर पहुंचे थे। उन्होंने बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान वह पहाड़ी से नीचे गिर गए और उनकी मौत हो गई। इसके बाद जब मां ने दोनों को गिरते हुए देखा तो वह सदमे में आ गईं और उन्होंने भी पहाड़ी से छलांग लगा दी। इस तरह कुछ ही समय में परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। घटना के चश्मदीद और गांव के पूर्व सरपंच संजय के मुताबिक, कुणाल काफी देर तक चट्टान पर खड़ा था। उसकी मां लगातार रोते हुए उसे नीचे आने के लिए कह रही थीं। पूर्व सरपंच ने भी उसे समझाने की कोशिश की और कहा कि वह पढ़ा-लिखा है और उसे ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए। लेकिन कुणाल किसी की बात मानने के लिए तैयार नहीं था।

पुलिस ने iPhone वाली थ्योरी को बताया जल्दबाजी

मामले को लेकर डीसीपी रत्नाकर नवले ने स्पष्ट किया कि प्राथमिक जांच में iPhone को आत्महत्या की वजह मानने का कोई आधार नहीं मिला है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, घटना को अभी 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे और जांच शुरुआती चरण में थी। उन्होंने कहा कि कुणाल के पास पहले से iPhone मौजूद था। स्थानीय लोगों की तरफ से यह बात जरूर सामने आई थी कि उसे iPhone-15 दिलाने की बात कही गई थी, लेकिन सिर्फ इसी आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि फोन न मिलने की वजह से उसने अपनी जान दी। पुलिस का कहना है कि कुणाल तनाव में था और घटना से पहले उसे समझाने की कोशिश भी की गई थी। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर वह किस परेशानी से गुजर रहा था।

पुलिस जांच से सामने आएगा असली कारण

पुलिस ने फिलहाल iPhone को घटना की वजह मानने से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। कुणाल मानसिक तनाव में क्यों था, उस समय उसके साथ क्या चल रहा था और घटना से पहले उसकी स्थिति कैसी थी, इन सभी सवालों के जवाब जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी एक वजह को घटना का कारण मानकर निष्कर्ष न निकाला जाए। इस घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई है, इसलिए जांच एजेंसियां हर पहलू को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर iPhone वजह नहीं था, तो कुणाल आखिर किस परेशानी में था। इसका जवाब पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।

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