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JSSC CGL पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, परीक्षा और नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के आदेश पर क्या हुआ?

JSSC CGL परीक्षा और नियुक्तियां रद्द करने के झारखंड सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। जानें अदालत के फैसले से अभ्यर्थियों पर क्या असर पड़ेगा।

JSSC-CGL परीक्षा

झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा और उससे जुड़ी नियुक्तियों को लेकर चल रहे विवाद में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने राज्य सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें परीक्षा और नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला लिया गया था। इसका मतलब है कि फिलहाल JSSC-CGL परीक्षा को रद्द नहीं किया जा सकेगा और पहले से नियुक्त कर्मचारियों को हटाने की कार्रवाई भी नहीं होगी। इस फैसले के बाद भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सफल अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जबकि परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों में निराशा है।

अभ्यर्थियों की याचिका पर आया फैसला

JSSC-CGL परीक्षा और नियुक्तियों को रद्द करने के सरकार के फैसले को कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सरकार के आदेश पर रोक लगा दी। अदालत के इस फैसले के बाद अब परीक्षा और नियुक्तियों की स्थिति पहले जैसी बनी रहेगी। सरकार के फैसले से प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए यह आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान इस विवाद पर अंतिम तस्वीर और साफ हो सकती है।

सचिवालय के बाहर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

हाईकोर्ट के फैसले के बीच शुक्रवार को सफल अभ्यर्थियों ने राज्य सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में JSSC-CGL में चयनित उम्मीदवार भी शामिल हुए। अभ्यर्थियों के हाथों में बिरसा मुंडा और शिबू सोरेन की तस्वीरों के साथ अलग-अलग नारे लिखी तख्तियां थीं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। देवघर के रहने वाले और कल्याण अधिकारी के पद पर चयनित रमेश मंडल ने बताया कि वह 19 अगस्त से आंदोलन कर रहे हैं और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कही।

‘न्यायपालिका पर पूरा भरोसा’, अभ्यर्थियों को फैसले की उम्मीद

प्रदर्शन में शामिल चंदा कुमारी ने सरकार से JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का फैसला वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द करने का निर्णय बिना स्पष्ट कारण बताए लिया गया था। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और उम्मीद है कि अदालत उनके हित में फैसला करेगी। इससे पहले हाईकोर्ट ने 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षाओं तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी की नियुक्तियों को रद्द करने वाली अधिसूचना पर भी रोक लगाई थी। अब JSSC-CGL मामले में भी सरकार के आदेश पर रोक लगने से भर्ती विवाद ने नया मोड़ ले लिया है।

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