TCS Conversion Case: टीसीएस धर्मांतरण मामले में लंबे समय से फरार चल रही मुख्य आरोपी निदा खान को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नासिक क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे Chhatrapati Sambhajinagar से हिरासत में लिया, जिसके बाद इस पूरे मामले में जांच ने नई दिशा पकड़ ली है। गिरफ्तारी से पहले उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी, जिसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। अब उसे नासिक कोर्ट में पेश किया जाएगा और पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं। इस केस में पहले ही कई अन्य आरोपी पकड़े जा चुके हैं, जिससे जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
कैसे मिली लोकेशन, पुलिस ने ऐसे बिछाया जाल
पुलिस के मुताबिक, निदा खान पिछले करीब एक महीने से लगातार ठिकाने बदल रही थी और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रही थी। आखिरकार तकनीकी सर्विलांस और इनपुट के आधार पर उसकी लोकेशन Naregaon के कौसर कॉलोनी में ट्रेस की गई, जहां वह अपने रिश्तेदार के फ्लैट में छिपी हुई थी। उसे पकड़ने के लिए 20 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की टीम सादे कपड़ों में कई दिनों से इलाके की निगरानी कर रही थी। पुलिस ने इस ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा, ताकि आरोपी को भनक न लगे। देर रात कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया गया और फिर ट्रांजिट रिमांड के लिए न्यायिक प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान पुलिस ने किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए पूरी रणनीति के साथ कदम उठाए।
धर्म परिवर्तन के लिए दबाव
जांच में सामने आया है कि निदा खान और उसके साथियों पर पीड़िता को धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक और सामाजिक दबाव बनाने के आरोप हैं। पुलिस के अनुसार, पीड़िता को बुरखा पहनने के लिए कहा गया और धार्मिक किताबें पढ़ने के लिए दी गईं। इसके अलावा उसके मोबाइल में धार्मिक एप्लिकेशन इंस्टॉल कराए गए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लगातार वीडियो और सामग्री भेजी जाती थी। आरोप यह भी है कि उसे नमाज पढ़ने और धार्मिक तरीके अपनाने के लिए प्रशिक्षित किया गया। इस मामले में Danish Sheikh समेत अन्य आरोपियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जिन पर पीड़िता के दस्तावेज अपने कब्जे में लेने और नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू करने का आरोप है।
अंतरराष्ट्रीय लिंक की जांच
जांच एजेंसियां अब इस मामले के अंतरराष्ट्रीय पहलू को भी खंगाल रही हैं। जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने पीड़िता को नौकरी के बहाने मलेशिया भेजने की योजना बनाई थी, जहां उसका संपर्क एक अन्य व्यक्ति से कराया जाना था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस पूरे नेटवर्क को किसी बाहरी फंडिंग का समर्थन मिला था। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि फरारी के दौरान आरोपी को किन-किन लोगों ने मदद दी। अधिकारियों का मानना है कि निदा खान से पूछताछ के बाद कई नए नाम सामने आ सकते हैं और इस केस की परतें और खुल सकती हैं। फिलहाल, पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं और आने वाले दिनों में बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
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