Chandranath Rath Murder Case: पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में पुलिस को शुरुआती सफलता मिली है। जांच एजेंसियों ने इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। इस कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि केस की गुत्थी जल्द सुलझ सकती है। चंद्रनाथ रथ की हत्या ने पूरे राज्य में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर हलचल पैदा कर दी थी, ऐसे में यह गिरफ्तारी जांच के लिए अहम मानी जा रही है।
दिव्येंदु अधिकारी का बड़ा बयान
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिव्येंदु अधिकारी ने कहा कि यह हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि एक मां ने अपना बेटा खोया है और परिवार को न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि नई सरकार बनने के बाद इस मामले में सख्त कार्रवाई होगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। दिव्येंदु ने चंद्रनाथ रथ को एक ईमानदार और समर्पित व्यक्ति बताते हुए कहा कि वह लंबे समय से परिवार और पार्टी के करीबी थे।
हत्या में इस्तेमाल बाइक ने बढ़ाया रहस्य
जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सुराग मिला है, जिसने मामले को और पेचीदा बना दिया है। बताया जा रहा है कि वारदात में इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल का लिंक पश्चिम बर्धमान जिले के बर्नपुर इलाके से जुड़ा है। हालांकि, जब पुलिस उस पते पर पहुंची जहां बाइक रजिस्टर्ड थी, तो वहां अलग ही जानकारी सामने आई। उस पते पर रहने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह कई वर्षों से वहां रह रहा है और बाइक के मालिक के नाम से वह परिचित नहीं है। इससे साफ है कि इस मामले में फर्जी पहचान या कागजात का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।
वफादार सहयोगी की हत्या से बढ़ी सियासी हलचल
चंद्रनाथ रथ का राजनीतिक सफर भी काफी महत्वपूर्ण रहा है। वे पहले भारतीय वायुसेना में सेवा दे चुके थे और बाद में सुवेंदु अधिकारी के साथ जुड़ गए थे। करीब दो दशकों से वे उनके भरोसेमंद सहयोगी माने जाते थे। उनकी हत्या ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे राजनीतिक माहौल को झकझोर दिया है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस हत्या के पीछे असली वजह क्या थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
