India Nepal Border: भारत और नेपाल के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए हाल ही में एक नया नियम चर्चा का विषय बन गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक नेपाल सरकार ने भारत से आने वाले यात्रियों के सामान पर सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) लागू कर दिया है। इसके तहत 63 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर 5 से 18 प्रतिशत तक शुल्क वसूला जा रहा है। इस फैसले के बाद दोनों देशों के बीच नाराजगी और भ्रम की स्थिति देखने को मिल रही है, खासकर उन यात्रियों में जो रोजाना सीमा पार करते हैं।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया, MEA ने क्या कहा
इस मामले पर भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस मुद्दे पर नेपाल सरकार के संपर्क में है और स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो और दावे वायरल हो रहे हैं, उन्हें भी सरकार ने देखा है। भारत का कहना है कि वह इस मुद्दे को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश कर रहा है ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
नेपाल का पक्ष—तस्करी रोकने के लिए कदम
नेपाल सरकार की ओर से इस फैसले को लेकर कहा गया है कि इसका मुख्य उद्देश्य अनौपचारिक व्यापार और तस्करी को रोकना है। नेपाल के अधिकारियों का कहना है कि सीमा पर होने वाले अवैध व्यापार को नियंत्रित करने के लिए यह नियम लागू किया गया है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो लोग व्यक्तिगत या घरेलू उपयोग के लिए सामान ले जा रहे हैं, उन्हें परेशानी नहीं होगी। इस बयान के बाद भी लोगों के बीच नियम को लेकर भ्रम बना हुआ है।
सीमा पर यात्रियों की चिंता
भारत-नेपाल सीमा पर रोजाना हजारों लोग आवाजाही करते हैं, जिनमें व्यापारियों और आम यात्रियों की बड़ी संख्या शामिल होती है। नए नियम के कारण कई लोग चिंतित हैं कि उन्हें छोटे सामान पर भी शुल्क देना पड़ सकता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने इस मुद्दे को और अधिक बढ़ा दिया है। भारत सरकार ने साफ किया है कि यह कोई नया प्रावधान नहीं है, बल्कि नेपाल इसे अब सख्ती से लागू कर रहा है। फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस पर कोई स्पष्ट समाधान निकलेगा।
