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नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में मंत्री का बेटा गिरफ्तार, पिता बोले- कानून के सामने सब बराबर

तेलंगाना में POCSO मामले में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भगीरथ साई की गिरफ्तारी के बाद राजनीति गरमा गई है। मंत्री ने कहा कि कानून की नजर में सभी बराबर हैं और जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा।

तेलंगाना में एक हाई-प्रोफाइल POCSO मामले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और बीजेपी सांसद Bandi Sanjay Kumar के बेटे बंदी भगीरथ साई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा तेज हो गई है। मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, वहीं विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में दिखाई दे रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है और मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाई जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में अचानक गर्मी ला दी है।

 मंत्री बंदी संजय का बड़ा बयान

मामले में सबसे ज्यादा चर्चा केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बयान को लेकर हो रही है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि कानून और न्यायपालिका का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। मंत्री ने लिखा कि उनके बेटे ने वकीलों के माध्यम से पुलिस के सामने पेश होकर जांच में सहयोग किया है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपी ने आत्मसमर्पण नहीं किया, बल्कि उसे गिरफ्तार किया गया है। इसके बावजूद मंत्री ने कहा कि चाहे उनका बेटा हो या कोई आम नागरिक, कानून सभी के लिए समान है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे ने खुद को निर्दोष बताया है और परिवार को न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। मंत्री के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

कोर्ट प्रक्रिया और जांच पर टिकी सबकी नजर

इस मामले में अब सभी की नजर कोर्ट की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। मंत्री बंदी संजय कुमार ने कहा कि लीगल एक्सपर्ट्स से सलाह लेने के बाद उन्होंने जांच में पूरा सहयोग करने का फैसला किया। उन्होंने यह भी बताया कि परिवार के पास कुछ ऐसे सबूत हैं जिन्हें कानूनी प्रक्रिया के दौरान पेश किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि भले ही कोर्ट में अगली सुनवाई और आदेश आने में समय लगे, लेकिन उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि “न्याय में देरी हो सकती है, लेकिन न्याय को नकारा नहीं जा सकता।” इस बयान के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई होगी।

राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल

मंत्री पुत्र की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। कई नेताओं ने कहा कि जब सत्ता से जुड़े लोगों के परिवारों पर इस तरह के आरोप लगते हैं तो जांच की निष्पक्षता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। दूसरी तरफ बीजेपी नेताओं का कहना है कि पार्टी कानून और संविधान का सम्मान करती है और किसी भी आरोपी को बचाने की कोशिश नहीं की जाएगी। इस पूरे मामले ने तेलंगाना की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग मंत्री के बयान की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की सलाह दे रहे हैं। आने वाले दिनों में कोर्ट और पुलिस की कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।

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