Home देश संसद का संग्राम: ‘गृह मंत्री सदन में आएं’ के नारों पर किरेन...

संसद का संग्राम: ‘गृह मंत्री सदन में आएं’ के नारों पर किरेन रिजिजू का दो-टूक पलटवार, जानिए पूरी अंदर की कहानी

संसद के मानसून सत्र में विपक्ष द्वारा गृह मंत्री अमित शाह को सदन में बुलाने की मांग और हंगामे पर किरेन रिजिजू का बड़ा बयान सामने आया है।

संसद

संसद के मानसून सत्र के दौरान इन दिनों सियासी पारा काफी चढ़ा हुआ है और दोनों ही सदनों में लगातार हंगामा देखने को मिल रहा है। दिल्ली में हालिया छात्र आंदोलन के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल के मुद्दे को लेकर कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष सरकार पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी इस गंभीर मसले पर गृह मंत्री अमित शाह की सीधी जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। विपक्ष की इस आक्रामक रणनीति के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है और राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है।

लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार प्रदर्शन

शुक्रवार को संसद की कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही जगहों पर भारी हंगामा देखने को मिला। लोकसभा के भीतर विपक्षी सांसदों नेजहाँ ‘होम मिनिस्टर सदन में आओ’ के नारे लगाकर सरकार को घेरा, वहीं राज्यसभा में भी तीखे तेवर देखने को मिले। बढ़ते हंगामे और शोरगुल के बीच लोकसभा की कार्यवाही को सोमवार तक के लिए स्थगित करना पड़ा। विपक्ष का साफ तौर पर कहना है कि इस संवेदनशील मामले पर देश के गृह मंत्री को सदन में आकर अपनी बात रखनी चाहिए, जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके।

किरेन रिजिजू का कड़ा पलटवार

विपक्ष की इन मांगों और लगातार लग रहे नारों पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए विपक्ष को करारा जवाब दिया है। राज्यसभा में बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सदन में कौन जवाब देगा और कौन सा मंत्री अपनी बात रखेगा, यह तय करने का अधिकार विपक्ष के पास नहीं है। रिजिजू ने आगे कहा कि गृह मंत्री अमित शाह सुबह से लेकर देर रात तक संसद परिसर में ही मौजूद रहते हैं, लेकिन सदन की कार्यवाही नियमों और तय प्रक्रिया के अनुसार ही चलाई जानी चाहिए।

आतंकवादियों का जिक्र और नियमों का हवाला

लोकसभा में अपनी बात रखते हुए किरेन रिजिजू ने गृह मंत्री अमित शाह की कार्यशैली की सराहना की और कहा कि उनका नाम सुनकर ही देश विरोधी ताकतों और आतंकवादियों के मन में खौफ पैदा हो जाता है। उन्होंने विपक्ष के तौर-तरीकों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सदन में नारेबाजी करने का यह तरीका पूरी तरह से गलत है। रिजिजू ने यह भी जोड़ा कि नियमों के मुताबिक जिस विभाग या मंत्रालय से जुड़ा विषय होता है, संबंधित मंत्री ही जवाब देता है, इसलिए विपक्ष इस तरह से सदन की कार्यवाही को बाधित नहीं कर सकता है।

Read more-‘100% शुद्ध’ लिखना डाबर को पड़ा भारी? FSSAI के आदेश पर हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

Exit mobile version