Weather Update: भारतीय मौसम विभाग IMD ने 16 अप्रैल से 29 अप्रैल 2026 तक के लिए देशभर के मौसम को लेकर बड़ा पूर्वानुमान जारी किया है। इस रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि अगले दो हफ्तों में भारत के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलता नजर आएगा। कहीं तेज बारिश और आंधी लोगों को राहत दे सकती है, तो कहीं भीषण गर्मी और लू लोगों की मुश्किलें बढ़ाएगी। विभाग के अनुसार इस दौरान मौसम का पैटर्न सामान्य नहीं रहेगा और कई राज्यों में अचानक बदलाव देखने को मिलेगा। पूर्वोत्तर भारत में जहां बारिश का दौर सक्रिय रहेगा, वहीं उत्तर और मध्य भारत में गर्म हवाओं का असर तेज होगा।
पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा
IMD के मुताबिक अगले हफ्ते अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय जैसे राज्यों में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश भी हो सकती है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का भी खतरा जताया गया है। मिजोरम में ओलावृष्टि की संभावना भी विभाग ने जताई है। वहीं जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना भी बनी हुई है। इससे इन राज्यों में तापमान में गिरावट और यातायात पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
बदलते मौसम के बीच गर्मी और आंधी का असर
उत्तर भारत की बात करें तो राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 17 अप्रैल के आसपास हल्की बारिश और गरज-चमक के आसार बन रहे हैं, जिससे कुछ समय के लिए गर्मी से राहत मिल सकती है। उत्तर प्रदेश Uttar Pradesh में भी कई जिलों में आंधी और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं बिहार Bihar और झारखंड जैसे पूर्वी राज्यों में अलग-अलग दिनों में गरज के साथ बारिश और 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में अचानक मौसम बदलने से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। इस दौरान किसानों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
लू और तापमान में बढ़ोतरी से बढ़ेगी परेशानी
IMD के अनुसार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, ओडिशा और झारखंड के कुछ हिस्सों में 16 से 20 अप्रैल के बीच लू चलने की संभावना है, जिससे गर्मी का असर और तेज होगा। कई राज्यों में तापमान पहले ही 38 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जो सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में उमस और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ लाइनें इस पूरे बदलाव की वजह हैं। 23 से 29 अप्रैल के बीच पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में बारिश फिर से बढ़ सकती है, जबकि बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क और गर्म बना रह सकता है। ऐसे में आने वाले दो हफ्ते देश के लिए मौसम के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं।
