उत्तराखंड हेलिकॉप्टर हादसा: उत्तराखंड में एक बार फिर हेलिकॉप्टर हादसे ने हवाई सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा एक निजी कंपनी का हेलिकॉप्टर जोशीमठ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पायलट समेत हेलिकॉप्टर में सवार सभी 6 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर सभी शव बरामद कर लिए। घटना के बाद ट्रांस भारत एविएशन के सभी हेलिकॉप्टरों की उड़ान पर एहतियातन रोक लगा दी गई है।
उड़ान के कुछ देर बाद टूटा संपर्क, ट्रैकिंग सिस्टम से भी गायब हुई लोकेशन
जानकारी के मुताबिक, हेलिकॉप्टर ने दोपहर करीब 1:14 बजे बद्रीनाथ से देहरादून के सहस्रधारा के लिए उड़ान भरी थी। जोशीमठ घाटी के ऊपर पहुंचने के दौरान अचानक हेलिकॉप्टर का संपर्क टूट गया। कुछ ही देर बाद ट्रैकिंग सिस्टम पर भी उसकी लोकेशन मिलनी बंद हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे के समय उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी के कारण मौसम खराब था। हालांकि, दुर्घटना की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पायलट समेत 6 लोगों की गई जान, सभी मृतक बताए जा रहे बेंगलुरु के
आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी के अनुसार, जेपी डैम के ऊपर जंगल में सफेद रंग की किसी चीज में आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद स्थिति का पता लगाने के लिए दो हेलिकॉप्टर भेजे गए। जांच में पता चला कि लापता हेलिकॉप्टर ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का था। इसमें पायलट कैप्टन हिमांशु के साथ पांच यात्री सवार थे। मृतकों में प्रतापा, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के. और एचएस नटराज शामिल हैं। सभी यात्री बेंगलुरु के बताए जा रहे हैं।
उत्तराखंड में 10 साल के भीतर 12 हादसे, देशभर के आंकड़े भी चिंताजनक
इस हादसे ने उत्तराखंड में हेलिकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। केंद्र सरकार के मुताबिक, 2016 से 2026 के बीच राज्य में 12 हेलिकॉप्टर हादसे हुए, जिनमें 27 लोगों की जान गई। वहीं, केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने 28 जुलाई 2025 को राज्यसभा में बताया था कि 2020 से 2025 के बीच देशभर में हेलिकॉप्टर से जुड़े 12 बड़े हादसों में 30 लोगों की मौत हुई। लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसे पहाड़ी क्षेत्रों में हवाई सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
