राजस्थान के उदयपुर में 28 जून 2022 को हुई कन्हैयालाल टेलर की हत्या को चार साल पूरे हो गए हैं। इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया था। दिनदहाड़े उनकी दुकान में घुसकर दो लोगों ने उनकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई। जांच में कुल 11 लोगों के नाम सामने आए, जिनमें दो पाकिस्तान के नागरिक भी बताए गए। अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। चार साल बीतने के बाद भी केस का फैसला नहीं हो पाया है, जिससे परिवार निराश है।
गवाहों की गवाही धीमी, केस की रफ्तार पर सवाल
कन्हैयालाल के बड़े बेटे यश का कहना है कि केस में 166 गवाह हैं, लेकिन अब तक सिर्फ 30 से 35 गवाहों की ही गवाही हो पाई है। उनका कहना है कि शुरुआत में कहा गया था कि एक साल के अंदर आरोपियों को सजा मिल जाएगी, लेकिन चार साल बाद भी सुनवाई पूरी नहीं हुई। परिवार का कहना है कि उन्हें सिर्फ न्याय चाहिए। कन्हैयालाल की पत्नी ने कहा कि पति की मौत के बाद से परिवार ने कोई त्योहार नहीं मनाया। हर दिन उन्हें उनकी याद आती है और पूरा परिवार जल्द इंसाफ मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है।
1461 दिनों से नहीं कटवाए बाल, नहीं पहनी चप्पल
पिता की हत्या के बाद यश ने एक बड़ा संकल्प लिया था। उन्होंने तय किया कि जब तक सभी दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक वह अपने बाल नहीं कटवाएंगे और चप्पल भी नहीं पहनेंगे। आज 1461 दिन बीत चुके हैं, लेकिन उन्होंने अपना संकल्प नहीं तोड़ा है। परिवार ने कन्हैयालाल की अस्थियों का विसर्जन भी नहीं किया है। उनका कहना है कि जब सभी दोषियों को सजा मिलेगी, तभी वे हरिद्वार जाकर अंतिम संस्कार की बाकी रस्में पूरी करेंगे।
घर के बाहर पुलिस चौकी, हर समय रहती है सुरक्षा
इस घटना के बाद परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल गई। उनके घर के नीचे पुलिस चौकी बना दी गई है और आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यश और उनके भाई जहां भी जाते हैं, उनके साथ सुरक्षाकर्मी रहते हैं। किसी रिश्तेदार के यहां जाने के लिए भी पहले पुलिस को जानकारी देनी पड़ती है। परिवार की मांग है कि अगली बरसी आने से पहले अदालत अपना फैसला सुनाए और दोषियों को सख्त सजा मिले, ताकि उन्हें आखिरकार न्याय मिल सके।
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