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4 साल की उम्र में ऐसा कमाल, एलेना मिश्रा ने शतरंज में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

4 साल की एलेना मिश्रा ने शतरंज में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। 4 साल, 6 महीने और 16 दिन की उम्र में FIDE रेटिंग हासिल कर वह सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी बनीं।

एलेना मिश्रा

ओडिशा की चार साल की एलेना मिश्रा ने शतरंज की दुनिया में ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। महज 4 साल, 6 महीने और 16 दिन की उम्र में एलेना आधिकारिक FIDE रेटिंग पाने वाली सबसे कम उम्र की महिला शतरंज खिलाड़ी बन गई हैं। इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (FIDE) की ओर से उन्हें 1432 की ब्लिट्ज रेटिंग मिली है। इतनी कम उम्र में आधिकारिक रेटिंग हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

ओडिशा स्टेट चैंपियनशिप में दिखाया दम

एलेना ने मदर्स पब्लिक स्कूल में आयोजित ओडिशा स्टेट ब्लिट्ज FIDE रेटिंग ओपन चेस चैंपियनशिप 2026 में हिस्सा लिया था। इसी प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन के बाद उन्हें आधिकारिक FIDE रेटिंग सूची में जगह मिली। आमतौर पर चार साल की उम्र में बच्चे खेलों को समझना और उनमें रुचि लेना शुरू करते हैं, लेकिन एलेना ने इतनी छोटी उम्र में प्रतिस्पर्धी शतरंज में अपनी जगह बना ली है। उनका प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि कम उम्र में भी सही प्रशिक्षण और लगातार अभ्यास से बच्चे बड़े स्तर पर उपलब्धि हासिल कर सकते हैं।

2022 में जन्मीं एलेना के नाम एक और खास रिकॉर्ड

एलेना मिश्रा का जन्म 2022 में हुआ था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह 2022 या उसके बाद जन्म लेने वाली ऐसी एकमात्र महिला शतरंज खिलाड़ी हैं, जिनके नाम किसी भी फॉर्मेट में आधिकारिक FIDE रेटिंग दर्ज है। उनकी 1432 ब्लिट्ज रेटिंग ने उनकी इस उपलब्धि को और खास बना दिया है। यह रिकॉर्ड इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि शतरंज में आधिकारिक रेटिंग हासिल करने के लिए खिलाड़ी को रेटेड प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर जरूरी प्रदर्शन करना होता है। एलेना ने इतनी छोटी उम्र में यह मुकाम हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।

Odisha Sports ने दी बधाई, सोशल मीडिया पर हो रही तारीफ

एलेना की इस उपलब्धि के बाद Odisha Sports ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर उन्हें बधाई दी। पोस्ट में उनकी उम्र, 1432 की ब्लिट्ज रेटिंग और चैंपियनशिप में उनके प्रदर्शन का जिक्र किया गया। एलेना की कहानी अब इसलिए भी खास बन गई है क्योंकि उन्होंने उस उम्र में यह रिकॉर्ड बनाया है, जब ज्यादातर बच्चे अभी किसी एक खेल में अपनी रुचि तय भी नहीं कर पाते। एलेना की उपलब्धि भारतीय शतरंज के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाली है और आने वाले वर्षों में उनके खेल को लेकर लोगों की नजरें उन पर रहेंगी।

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