Home देश आज संसद में क्या होगा? एंटी-पेपर लीक बिल पर टिकी देशभर के...

आज संसद में क्या होगा? एंटी-पेपर लीक बिल पर टिकी देशभर के छात्रों की नजर, विपक्ष ने रखे 93 बदलाव के प्रस्ताव

संसद में आज Anti Paper Leak Bill 2026 पर अहम चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष ने 93 संशोधन प्रस्ताव दिए हैं, जबकि सरकार पेपर लीक पर सख्त कानून, फास्ट ट्रैक कोर्ट, 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान ला रही है।

Anti Paper Leak Bill 2026

Anti Paper Leak Bill 2026: देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के बढ़ते मामलों के बीच संसद में पेश किए गए पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 पर आज अहम चर्चा होने की संभावना है। सोमवार को लोकसभा में लगातार हंगामे के कारण इस बिल पर बहस नहीं हो सकी थी, लेकिन मंगलवार को इसे लेकर लंबी चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत के बाद गतिरोध कुछ हद तक कम हुआ है। माना जा रहा है कि आज करीब छह घंटे तक इस बिल के अलग-अलग प्रावधानों पर चर्चा हो सकती है। इस बहस पर लाखों छात्र और अभिभावकों की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह कानून भविष्य में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है।

राहुल गांधी और अखिलेश यादव उठा सकते हैं कई सवाल

सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव इस बिल पर अपनी बात रख सकते हैं। विपक्ष का कहना है कि बिल में कई ऐसे बिंदु हैं जिन पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए। जानकारी के अनुसार, विपक्ष की ओर से कुल 93 संशोधन प्रस्ताव दिए गए हैं। सोमवार को संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय गृह मंत्री से जवाब की मांग को लेकर जोरदार विरोध किया था। लगातार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। इसी बीच सरकार ने बिल पेश तो कर दिया, लेकिन चर्चा शुरू नहीं हो सकी। अब माना जा रहा है कि आज विपक्ष बिल के साथ-साथ छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों को भी सदन में उठाएगा।

नए कानून में सजा और जुर्माना दोनों होंगे पहले से ज्यादा सख्त

सरकार का कहना है कि नए संशोधन का उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली धांधली पर पूरी तरह रोक लगाना है। प्रस्तावित बिल के अनुसार, हर राज्य में पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, ताकि मामलों का जल्दी निपटारा हो सके। साथ ही जांच दो महीने के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। नए कानून के तहत पेपर लीक या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों को कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यदि मामला किसी संगठित गिरोह से जुड़ा पाया जाता है, तो 7 साल से 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। सरकार का दावा है कि इससे परीक्षा माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई संभव होगी।

छात्रों के भविष्य पर असर डाल सकता है यह फैसला

एंटी-पेपर लीक बिल को मौजूदा समय का सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा सुधार कानून माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं के पेपर लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। ऐसे में सरकार इस कानून को परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। वहीं विपक्ष चाहता है कि कानून सख्त होने के साथ-साथ निष्पक्ष और व्यावहारिक भी हो। संसद में होने वाली आज की चर्चा से यह साफ हो सकता है कि बिल में विपक्ष के सुझाए गए संशोधनों को कितना महत्व दिया जाएगा। यदि यह विधेयक पारित होता है, तो आने वाले समय में देश की परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

Read more-Gen-Z पर फूटा कंगना रनौत का गुस्सा, CJP प्रदर्शन को लेकर दे डाला बड़ा बयान

Exit mobile version