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क्या सच में क्रैश हुआ था तेजस? HAL ने जारी की आधिकारिक बयान, बताई पूरी सच्चाई

Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने तेजस लड़ाकू विमान के कथित क्रैश को लेकर चल रही खबरों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुआ था। कंपनी ने सोशल मीडिया के माध्यम से बयान जारी करते हुए कहा कि एलसीए तेजस से जुड़ी हालिया मीडिया रिपोर्टों में जो क्रैश की बात कही जा रही है, वह तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। HAL के अनुसार, यह घटना जमीन पर हुई एक मामूली तकनीकी समस्या से जुड़ी थी और इसे दुर्घटना कहना गलत होगा। कंपनी ने यह भी बताया कि मानक संचालन प्रक्रिया के तहत इस तकनीकी गड़बड़ी की जांच की जा रही है और भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर समस्या के समाधान पर काम किया जा रहा है। इससे पहले रविवार को कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि संदिग्ध ब्रेक फेल होने के बाद तेजस रनवे से आगे निकल गया और उसके ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। इन रिपोर्टों में यह भी कहा गया था कि पायलट सुरक्षित बाहर निकल आया था। हालांकि अब HAL के बयान के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है और इसे क्रैश के बजाय तकनीकी खराबी बताया जा रहा है।

क्या हुआ था उस दिन? सामने आई पूरी घटनाक्रम की जानकारी

बताया जा रहा है कि यह घटना 7 फरवरी को हुई थी, जब एलसीए तेजस प्रशिक्षण उड़ान पूरी कर अपने बेस पर लौट रहा था। लैंडिंग के दौरान तकनीकी गड़बड़ी सामने आई, जिसे शुरुआती रिपोर्टों में ब्रेक फेल होने की आशंका से जोड़ा गया। इसी वजह से विमान रनवे से थोड़ा आगे निकल गया। हालांकि HAL ने स्पष्ट किया है कि विमान क्रैश नहीं हुआ और घटना जमीन पर सीमित रही। पायलट पूरी तरह सुरक्षित है और किसी प्रकार की जानहानि नहीं हुई। इस पूरे मामले पर Indian Air Force की ओर से अब तक कोई अलग आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन HAL ने यह जरूर कहा है कि जांच प्रक्रिया मानक नियमों के तहत चल रही है। सूत्रों के अनुसार, तकनीकी टीमों ने विमान की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और यह देखा जा रहा है कि समस्या किस स्तर पर उत्पन्न हुई। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक लड़ाकू विमानों में ऐसी तकनीकी गड़बड़ियां कभी-कभी सामने आती हैं, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण बड़े हादसे टल जाते हैं।

तेजस का सुरक्षा रिकॉर्ड और बेड़े को रोके जाने की चर्चा

HAL ने अपने बयान में यह भी कहा कि एलसीए तेजस का सुरक्षा रिकॉर्ड दुनिया के आधुनिक लड़ाकू विमानों में बेहद मजबूत रहा है। कंपनी का दावा है कि तेजस को अत्याधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों के साथ विकसित किया गया है। घटना के बाद एहतियात के तौर पर लगभग 30 ‘सिंगल-सीट’ तेजस जेट विमानों को अस्थायी रूप से उड़ान भरने से रोके जाने की खबर भी सामने आई। हालांकि इसे नियमित तकनीकी जांच का हिस्सा बताया जा रहा है। रक्षा मामलों के जानकारों के अनुसार, जब भी किसी फ्लीट में तकनीकी समस्या की आशंका होती है, तो पूरे बेड़े की जांच की जाती है ताकि भविष्य में किसी बड़े जोखिम से बचा जा सके। इससे पहले भी अलग-अलग देशों में आधुनिक फाइटर जेट्स को जांच के लिए अस्थायी रूप से ग्राउंड किया गया है। HAL और भारतीय वायुसेना दोनों ही इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ जांच कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं रक्षा क्षेत्र में असामान्य नहीं होतीं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि से पहले किसी भी खबर को ‘क्रैश’ कहना भ्रम पैदा कर सकता है।

पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं, लेकिन तस्वीर अलग रही

एलसीए तेजस से जुड़ी इससे पहले भी कुछ घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मार्च 2024 में जैसलमेर के पास एक तेजस जेट दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें तकनीकी कारणों की जांच की गई थी। इसके बाद नवंबर 2025 में दुबई एयरशो के दौरान हवाई प्रदर्शन में भी एक तेजस जेट से जुड़ी दुर्घटना की खबर आई थी। हालांकि हर मामले में विस्तृत जांच के बाद कारणों को स्पष्ट किया गया। मौजूदा घटना को लेकर HAL ने साफ शब्दों में कहा है कि इसे दुर्घटना या क्रैश बताना सही नहीं है। कंपनी के मुताबिक, यह एक सीमित तकनीकी समस्या थी और सुरक्षा मानकों के चलते स्थिति नियंत्रण में रही। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि तेजस भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का अहम प्रतीक है और इसकी विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए हर तकनीकी पहलू की गंभीरता से जांच की जाती है। फिलहाल जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम रिपोर्ट सामने आएगी, लेकिन HAL के ताजा बयान ने क्रैश की खबरों पर विराम लगा दिया है।

 

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