दिल्ली के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में से एक Delhi Airport इन दिनों एक अनोखे विवाद को लेकर चर्चा में है। मामला किसी फ्लाइट, सुरक्षा या तकनीकी खामी का नहीं, बल्कि दो आवारा कुत्तों “ढोलू” और “कद्दू” के अचानक गायब होने का है। ये दोनों कुत्ते लंबे समय से एयरपोर्ट परिसर के आसपास देखे जाते थे और नियमित यात्रियों व कर्मचारियों के बीच काफी लोकप्रिय थे। कई लोगों का दावा है कि वे इन कुत्तों को रोज देखते थे, उन्हें खाना खिलाते थे और उनके साथ एक जुड़ाव महसूस करते थे। लेकिन हाल ही में दोनों के अचानक नज़र न आने से सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई।
एक पोस्ट से बढ़ा मामला, उठे गंभीर आरोप
इस मुद्दे को तब और तूल मिला जब एक एनिमल एक्टिविस्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि इन कुत्तों को एयरपोर्ट से हटाया गया है। पोस्ट में यह भी कहा गया कि कथित तौर पर CCTV फुटेज में कुछ लोग कुत्तों को ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद कई यूजर्स ने एयरपोर्ट प्रशासन से जवाब मांगना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ढोलू और कद्दू बेहद शांत स्वभाव के थे और उन्होंने कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। वहीं, कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि अगर कुत्तों को हटाया गया है, तो क्या यह पशु अधिकारों का उल्लंघन नहीं है?
No bites happened. And the brown dog (Dholu/brownie) is not back yet. They claim they have got to know kaddu is missing from social media. Really? Then why are your contractors captured in CCTV removing the dogs? God!@DelhiAirport authorities are more shameless than I thought! https://t.co/BISsy1GIRe
— Priyanshi (@pricatttt) April 7, 2026
एयरपोर्ट प्रशासन की सफाई क्या कहती है?
बढ़ते विवाद के बीच Delhi Airport प्रशासन ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। प्रशासन के अनुसार, एयरपोर्ट परिसर में रहने वाले सभी आवारा कुत्तों की देखभाल तय नियमों के अनुसार की जाती है। उन्हें समय-समय पर खाना दिया जाता है और पशु चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाता है। ढोलू के बारे में कहा गया कि हाल ही में उसने दो लोगों को काट लिया था और उसमें आक्रामक व्यवहार देखा गया था। इसके बाद उसे नियंत्रित किया गया और इलाज के बाद उसी क्षेत्र में छोड़ दिया गया। वहीं, कद्दू के बारे में प्रशासन का कहना है कि वह 26 मार्च से दिखाई नहीं दे रहा है और उन्हें भी इसकी जानकारी सोशल मीडिया के जरिए ही मिली है।
सुरक्षा बनाम संवेदनशीलता: बहस अभी जारी
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़े सवाल को जन्म दिया है—क्या सार्वजनिक स्थानों पर जानवरों की मौजूदगी लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा है या उन्हें संवेदनशीलता के साथ संभालना चाहिए? जहां एक ओर कुछ लोग एयरपोर्ट की जिम्मेदारी को सही ठहराते हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग जानवरों के अधिकारों और उनके साथ मानवीय व्यवहार की मांग कर रहे हैं। ढोलू और कद्दू का मामला अब सिर्फ दो कुत्तों के गायब होने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह इंसानों और जानवरों के सह-अस्तित्व की एक बड़ी बहस बन चुका है। फिलहाल, सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि कद्दू कहां है और क्या दोनों कुत्ते सुरक्षित हैं।
