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सीएम जोसेफ विजय ने बच्चों के साथ खाया जमीन पर बैठकर नाश्ता, तमिलनाडु में योजना का हुआ बड़ा विस्तार!

तमिलनाडु के सीएम सी. जोसेफ विजय ने स्कूली बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खाया नाश्ता। जानिए क्या है पेरुन्थलैवर कामराज ब्रेकफास्ट योजना और कैसे इससे 15 लाख से अधिक छात्रों को मिलेगा फायदा।

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तमिलनाडु की सियासत और शिक्षा जगत में एक बेहद दिल को छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है। राज्य के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने हाल ही में स्कूली छात्रों के लिए चल रही नाश्ता योजना का बड़े पैमाने पर विस्तार किया है। इस खास मौके पर उन्होंने किसी प्रोटोकॉल की परवाह न करते हुए चेन्नई के एक सरकारी स्कूल का अचानक दौरा किया। वहां उन्होंने न सिर्फ अपने हाथों से छोटे-छोटे मासूम बच्चों को खाना परोसा, बल्कि उनके साथ जमीन पर बैठकर खुद भी वही पौष्टिक नाश्ता खाया। मुख्यमंत्री के इस सादगी भरे अंदाज ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया और देखते ही देखते उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया।

क्या है ‘पेरुन्थलैवर कामराज ब्रेकफास्ट योजना’?

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जोसेफ विजय ने इस लोकप्रिय जन कल्याणकारी योजना का नाम बदलकर महान स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के सम्मान में ‘पेरुन्थलैवर कामराज ब्रेकफास्ट योजना’ कर दिया था। के. कामराज वही दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने तमिलनाडु में मुफ्त शिक्षा की नींव रखकर शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व क्रांति लाई थी। टीवीके सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सुबह स्कूल आने वाले किसी भी गरीब या जरूरतमंद बच्चे को खाली पेट न रहना पड़े, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर तरीके से हो सके।

15 लाख से ज्यादा छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा

इस योजना के हालिया विस्तार से पूरे राज्य में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस नए चरण के तहत अब तमिलनाडु के कुल 15,454 सरकारी और राज्य-सहायता प्राप्त स्कूलों को शामिल किया गया है। इसका सीधा फायदा कक्षा 6 से लेकर कक्षा 8 तक के लगभग 15.30 लाख अतिरिक्त छात्रों को मिलेगा। पहले यह योजना केवल प्राथमिक कक्षाओं तक ही सीमित थी, लेकिन अब मिडिल स्कूल के बच्चों को भी इसका लाभ मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के माता-पिता को बड़ी राहत मिली है। सरकार का मानना है कि सुबह पौष्टिक नाश्ता मिलने से स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ेगी और वे पढ़ाई पर पूरा फोकस कर पाएंगे।

क्लासरूम में जाकर सुनी बच्चों की समस्याएं

नाश्ता करने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने रुकने का नाम नहीं लिया और वे सीधे स्कूल के क्लासरूम में पहुंच गए। उन्होंने वहां बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का स्तर परखा, किताबों को देखा और बड़े ही आत्मीय अंदाज में कई छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, स्कूल की सुविधाओं और किसी भी तरह की समस्या के बारे में सीधे सवाल पूछे। छात्रों ने भी बिना किसी झिझक के अपने चहेते मुख्यमंत्री से खुलकर अपनी बातें साझा कीं। इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए तमिलनाडु सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग और स्थानीय प्रशासन कोसीमित तालमेल के साथ काम करने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि योजना का लाभ हर पात्र बच्चे तक बिना किसी बाधा के पहुंच सके।

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