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नए शिक्षा मंत्री बनते ही CJP का पहला संदेश आया सामने… आखिर प्रह्लाद जोशी से क्या चाहती है पार्टी?

Prahlad Joshi को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद CJP की पहली प्रतिक्रिया सामने आई। पार्टी ने नए शिक्षा मंत्री से पेपर लीक रोकने, शिक्षा सुधार लागू करने और जल्द बैठक करने की बात कही।

Prahlad Joshi

नीट पेपर लीक विवाद और लंबे समय तक चले छात्र आंदोलन के बाद केंद्र सरकार में बड़ा बदलाव देखने को मिला। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी (Prahlad Joshi) को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने आंदोलन के दौरान उठाई गई प्रमुख मांगों को स्वीकार किया है और अब नई जिम्मेदारी संभालने वाले शिक्षा मंत्री से देश के युवाओं को काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल मंत्रालय बदलने का मामला नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने का भी समय है। उनका मानना है कि नए शिक्षा मंत्री को युवाओं की भावनाओं को समझते हुए ऐसे फैसले लेने होंगे, जिनसे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके।

 CJP ने नए शिक्षा मंत्री के सामने रखीं पांच प्रमुख अपेक्षाएं

सौरव दास ने कहा कि छात्र आंदोलन केवल किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं था, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शुरू किया गया था। उनके अनुसार अब जो भी शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उन्हें यह समझना होगा कि देशभर के लाखों छात्र उनसे पारदर्शिता और जवाबदेही की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत और स्थायी व्यवस्था बनाए। साथ ही आंदोलन के दौरान सरकार को सौंपे गए डिमांड चार्टर में शामिल सुझावों पर भी जल्द अमल किया जाए। सौरव दास का कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े फैसलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

 एक महीने के भीतर बैठक की तैयारी

सीजेपी ने यह भी जानकारी दी कि नए शिक्षा मंत्री के साथ जल्द ही बैठक करने की तैयारी चल रही है। सौरव दास के अनुसार सरकार की ओर से भरोसा दिया गया है कि एक महीने के भीतर दोनों पक्षों के बीच बातचीत होगी। इस बैठक में आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों, सरकार द्वारा किए गए वादों और शिक्षा सुधार से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पार्टी का कहना है कि वह टकराव की राजनीति नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से समाधान चाहती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि तय समय में जरूरी सुधार लागू नहीं किए गए तो संगठन आगे की रणनीति पर विचार करेगा। फिलहाल CJP सरकार के अगले कदमों पर नजर बनाए हुए है और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर आशावादी दिखाई दे रही है।

 इस्तीफे के बाद समर्थकों में दिखा उत्साह

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद सीजेपी समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इसे अपने लंबे आंदोलन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। संगठन के प्रमुख अभिजीत दिपके ने भी मंच से समर्थकों का आभार जताया और कहा कि यह आंदोलन देशभर के युवाओं के सहयोग से सफल हुआ। हालांकि पार्टी नेताओं ने यह भी दोहराया कि उनका उद्देश्य केवल मंत्री बदलवाना नहीं था, बल्कि शिक्षा प्रणाली में ऐसे सुधार कराना है जिससे भविष्य में छात्रों को इस तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालने के बाद किन प्राथमिकताओं पर काम शुरू करते हैं और युवाओं की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं।

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