Home देश केंद्र सरकार झुकी, CJP की 2 मांगें स्वीकार; अब धर्मेंद्र प्रधान के...

केंद्र सरकार झुकी, CJP की 2 मांगें स्वीकार; अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर फंसा पेंच!

नीट पेपर लीक मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच बातचीत में बड़ा मोड़ आया है। सरकार ने सीजेपी की दो प्रमुख मांगें मान ली हैं, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सस्पेंस बरकरार है।

CJP

नीट पेपर लीक धांधली और देश के एजुकेशन सिस्टम में फैली अव्यवस्थाओं के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब अपने सबसे निर्णायक दौर में पहुंच गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तेवरों और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बाद केंद्र सरकार बैकफुट पर आती दिख रही है। सीजेपी की ओर से जारी ताजा बयान में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार के साथ हुई उच्चस्तरीय वार्ता में उनकी दो अहम मांगों पर सहमति बनती नजर आ रही है। इस खबर के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों और देश भर के छात्रों के बीच हलचल काफी तेज हो गई है।

छात्रों पर लाठीचार्ज करने वालों पर गिरेगी गाज, मुआवजे पर भी बनी सहमति

20 जुलाई को निकाले गए ‘संसद चलो मार्च’ के दौरान विरोध प्रदर्शन कर रहे मासूम छात्रों और युवाओं पर सुरक्षाबलों ने कड़ा रुख अपनाया था। सीजेपी का दावा है कि इस दौरान हुई बर्बरता और लाठीचार्ज के जिम्मेदार सुरक्षाकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए मोदी सरकार अब पूरी तरह सकारात्मक दिख रही है। इसके अलावा, प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों और पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग पर भी सरकार का रुख बेहद सहयोगात्मक रहा है। इन दो बड़ी मांगों पर सहमति को छात्रों के लंबे संघर्ष की पहली बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जिद पर अड़ी पार्टी

हालांकि, दो मांगों पर नरमी दिखाने के बावजूद मामला अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। सीजेपी ने साफ कर दिया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह लड़ाई अधूरी रहेगी। पार्टी प्रतिनिधियों ने साफ शब्दों में सरकार से कहा है कि नीट जैसी बड़ी परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान को अपना पद छोड़ना ही होगा। पार्टी का मानना है कि जब तक शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक देश की शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ बंद नहीं होगा।

सरकार ने मांगा कल दोपहर तक का वक्त, देश भर की नजरें फैसले पर टिकीं

बैठक में उठाई गई इन तमाम मांगों और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की शर्त पर केंद्र सरकार ने कोई जल्दबाजी न दिखाते हुए थोड़ा समय मांगा है। सूत्रों और पार्टी बयान के मुताबिक, मोदी सरकार ने इन सभी संवेदनशील मुद्दों पर अपना आधिकारिक जवाब देने के लिए कल दोपहर तक की मोहलत मांगी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या सरकार शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करती है या कोई नया रास्ता निकालती है। फिलहाल, कल दोपहर तक के लिए पूरे देश और लाखों परीक्षार्थियों की सांसें इस आने वाले फैसले पर अटकी हुई हैं।

Read more-चलती ट्रेन के नीचे कैसे पहुंच गया युवक? ड्राइवर ने पीछे देखा तो उड़ गए होश, फिर जो हुआ उसने सबको चौंका दिया

Exit mobile version