मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे। उत्तर प्रदेश में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में उनके दौरे को चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। लखनऊ पहुंचने के बाद ज्ञानेश कुमार ने अपने पुराने रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि लखनऊ से उनका गहरा नाता रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने यहां से उच्च शिक्षा हासिल की है और यह शहर उनकी ‘तपोभूमि’ रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद अपनी कर्मभूमि लखनऊ लौटकर उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को संदेश देने का मौका मिला है। लखनऊ एयरपोर्ट पर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने उनका स्वागत किया।
BLO को बताया लोकतंत्र की नींव
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव को पारदर्शी तरीके से कराने के लिए बूथ स्तर के अधिकारियों यानी BLO की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वह अपने दौरे के दौरान बूथ स्तर के अधिकारियों से खास तौर पर बातचीत करेंगे। मंगलवार को लखनऊ और आसपास के जिलों के करीब 500 BLO के साथ उनका संवाद कार्यक्रम रखा गया है। सीईसी ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश के स्कूलों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को चुनावी प्रक्रिया और उसकी पारदर्शिता के बारे में जानकारी देने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उनका कहना है कि युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना जरूरी है, ताकि वे मतदान और चुनाव व्यवस्था को बेहतर तरीके से समझ सकें।
छात्रों से संवाद से लेकर ELC 2.0 तक कई कार्यक्रम
दौरे के दौरान ज्ञानेश कुमार कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज भी जाएंगे, जहां विद्यार्थियों के साथ बातचीत का कार्यक्रम है। इसके बाद इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चुनावी साक्षरता क्लब (ELC) 2.0 और निर्वाचन आयोग के डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘ECINet’ को लेकर क्षेत्रीय सम्मेलन में शामिल होंगे। ELC कार्यक्रम को 2018 में शुरू किया गया था, जिसे अब ELC 2.0 के रूप में नए तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसका मकसद स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पूरे साल चुनावी जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां चलाना है। इनमें डिजिटल माध्यम और विद्यार्थियों के अनुभव पर आधारित कार्यक्रमों को भी शामिल किया जाएगा। लखनऊ के बाद ELC 2.0 और ECINet से जुड़े क्षेत्रीय सम्मेलन मेरठ और वाराणसी में भी आयोजित किए जाएंगे।
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