Bengaluru News: बेंगलुरु शहर से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय रिश्तों और सामाजिक धैर्य पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामूली सी भौतिक वस्तु—एक स्कूटर—कैसे तीन जिंदगियों को मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर सकती है, इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। यहाँ एक सनकी युवक ने महज इसलिए अपनी पत्नी और उसके बुजुर्ग माता-पिता को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की, क्योंकि उन्होंने उसे दोपहिया वाहन देने से मना कर दिया था। इस खौफनाक वारदात ने न केवल उस हंसते-खेलते परिवार को राख के ढेर में बदल दिया, बल्कि पूरे कर्नाटक को हिलाकर रख दिया है। चीख-पुकार और आग की लपटों के बीच जो भयावह दृश्य सामने आया, उसने पड़ोसियों के भी रोंगटे खड़े कर दिए। यह घटना चीख-चीखकर बता रही है कि समाज में गुस्सा और सनक किस कदर हावी हो चुके हैं।
आखिर कैसे शुरू हुआ विवाद?
पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक का अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के साथ पिछले कुछ समय से मनमुटाव चल रहा था। विवाद की जड़ अक्सर छोटी-छोटी बातें होती थीं, लेकिन उस दिन मामला एक स्कूटर की चाबी पर अटक गया। आरोपी युवक कहीं जाने के लिए घर में मौजूद स्कूटर की मांग कर रहा था। उसकी पिछली आदतों या किसी अन्य वजह से पत्नी और उसके सास-ससुर ने उसे चाबी देने से साफ इनकार कर दिया। यह इनकार उस युवक के अहंकार और सनक को इतना चुभ गया कि उसने वहीं खौफनाक बदला लेने की ठान ली। शुरुआत में घर के भीतर तीखी नोकझोंक हुई, लेकिन किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनके ही घर का दामाद चंद मिनटों बाद एक जल्लाद के रूप में वापस आएगा। वह गुस्से में घर से बाहर निकला और हाथ में मौत का सामान (पेट्रोल) लेकर लौटा, जिसने पूरे परिवार की खुशियां जलाकर खाक कर दीं।
पेट्रोल की कैन और जलती माचिस: जब घर बना श्मशान का मैदान
चश्मदीदों और पुलिस की थ्योरी के मुताबिक, आरोपी युवक कुछ ही देर में बाहर से पेट्रोल लेकर लौटा। इससे पहले कि घर के लोग कुछ समझ पाते या वहां से भाग पाते, आरोपी ने अपनी पत्नी, सास और ससुर पर ताबड़तोड़ पेट्रोल छिड़क दिया। चारों तरफ पेट्रोल की तीखी गंध फैल चुकी थी और इससे पहले कि कोई रहम की भीख मांग पाता, सनकी युवक ने माचिस की तीली जलाकर उन्हें आग के हवाले कर दिया। पलक झपकते ही पूरा कमरा आग के गोले में तब्दील हो गया। शरीर पर पेट्रोल होने के कारण तीनों लोग मशाल की तरह जलने लगे और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घर के अंदर से आती उन हृदयविदारक चीखों ने पूरे मोहल्ले का कलेजा चीर दिया। आग इतनी भीषण थी कि घर के सामान के साथ-साथ रिश्तों की मर्यादा भी जलकर राख हो रही थी।
दहशत में आए पड़ोसी
रात के सन्नाटे में जब आग की लपटें खिड़कियों से बाहर झांकने लगीं और जलते हुए इंसानों की चीखें सुनाई दीं, तो आस-पड़ोस के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। मंजर इतना डरावना था कि लोग पहले तो सहम गए, लेकिन फिर साहस दिखाते हुए कुछ पड़ोसियों ने आग बुझाने का प्रयास किया और तुरंत पुलिस व एम्बुलेंस को सूचित किया। मौके पर पहुँची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से झुलसे हुए तीनों लोगों को पास के अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, तीनों की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है क्योंकि वे काफी ज्यादा प्रतिशत तक जल चुके हैं। वहीं, आरोपी युवक ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है कि क्या आरोपी किसी नशें में था या यह पूरी वारदात एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी।
Read More-आठ महीने तक किसी को भनक नहीं लगी! हॉस्टल में रह रही 9वीं की छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म
