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लखनऊ, वाराणसी और दिल्ली से होकर गुजरेगी बुलेट ट्रेन, रेल मंत्री ने कर दिया बड़ा ऐलान

दिल्ली से सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित नई बुलेट ट्रेन परियोजना से यात्रा का समय 20 घंटे से घटकर करीब 6 घंटे हो सकता है। जानिए रूट, संभावित स्टेशन और इसके फायदे।

Bullet train

देश में Bullet train नेटवर्क को बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। रेलवे ने दिल्ली से सिलीगुड़ी तक हाईस्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर काम शुरू करने की बात कही है। यह परियोजना दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को तेज रफ्तार रेल सेवा से जोड़ने का काम करेगी। माना जा रहा है कि इसके शुरू होने के बाद लंबी दूरी की यात्रा काफी आसान और तेज हो जाएगी। यह रूट देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक माना जाता है, इसलिए इससे लाखों यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

इन बड़े शहरों से होकर गुजर सकती है ट्रेन

प्रस्तावित बुलेट ट्रेन नई दिल्ली से शुरू होकर नोएडा, मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर और पटना जैसे प्रमुख शहरों से होकर सिलीगुड़ी तक पहुंचेगी। इससे इन शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को तेज और आधुनिक रेल सुविधा मिलेगी। सिलीगुड़ी को पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार माना जाता है, इसलिए इस परियोजना का महत्व और बढ़ जाता है। भविष्य में इस रूट को गुवाहाटी तक बढ़ाने की संभावना भी जताई जा रही है।

20 घंटे का सफर घटकर हो सकता है 6 घंटे

अभी दिल्ली से सिलीगुड़ी तक ट्रेन से पहुंचने में करीब 18 से 20 घंटे का समय लगता है। लेकिन बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद यह सफर लगभग 6 घंटे में पूरा किया जा सकता है। हाईस्पीड ट्रेन की संभावित गति 250 से 300 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है। इससे दिल्ली से वाराणसी, पटना और अन्य बड़े शहरों तक पहुंचने में भी काफी कम समय लगेगा। समय की बचत होने से व्यापार, नौकरी और पर्यटन से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलेगा।

रेल परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार

रेल मंत्रालय का कहना है कि पूर्वी भारत में कई बड़ी रेल परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। दिल्ली-सिलीगुड़ी हाईस्पीड कॉरिडोर भी इन्हीं योजनाओं का हिस्सा है। इस परियोजना से रेलवे नेटवर्क मजबूत होगा और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को कम करने में भी मदद मिल सकती है। फिलहाल परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए सर्वे, भूमि अधिग्रहण और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं पर काम किया जा रहा है।

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