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नतीजों के बाद खून-खराबा! बंगाल में हिंसा के बीच TMC के एक और BJP के दो कार्यकर्ताओं की मौत

पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हिंसा भड़की, भाजपा के दो और टीएमसी के एक कार्यकर्ता की मौत। कई जिलों में तोड़फोड़ और आगजनी, चुनाव आयोग सख्त।

West Bengal Violence

West Bengal Violence: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आते ही जहां एक तरफ जश्न का माहौल था, वहीं दूसरी तरफ कई इलाकों में हालात अचानक बिगड़ गए। मंगलवार को सामने आई घटनाओं ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। अलग-अलग जगहों पर हुई हिंसा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दो और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई। कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की कथित तौर पर पिटाई के बाद मौत हो गई। बताया जा रहा है कि विजय जुलूस के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव और ज्यादा बढ़ गया।

बीरभूम और हावड़ा में भी हिंसक घटनाएं

हिंसा सिर्फ कोलकाता तक सीमित नहीं रही, बल्कि अन्य जिलों से भी चिंताजनक खबरें सामने आईं। बीरभूम जिले के नानूर इलाके में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता अबीर शेख की हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, संतोषपुर गांव में विवाद के दौरान उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है, जिसका इलाज जारी है। वहीं हावड़ा जिले के उदय नारायणपुर में भाजपा कार्यकर्ता यादव बर की मौत का मामला भी सामने आया है। उनके परिवार का आरोप है कि धार्मिक नारे लगाने और जश्न मनाने के दौरान उन पर हमला किया गया। इन घटनाओं के बाद स्थानीय स्तर पर डर और आक्रोश का माहौल बन गया है।

कई जगह तोड़फोड़ और आगजनी

राज्य के कई हिस्सों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है। दक्षिण कोलकाता के टॉलीगंज स्थित बिजयगढ़-नेताजी नगर इलाके में एक चुनाव कार्यालय को निशाना बनाकर तोड़फोड़ की गई। कस्बा के रूबी क्रॉसिंग पर भी एक पार्षद के दफ्तर में हमला हुआ। इसके अलावा हावड़ा, उत्तर 24 परगना और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में भी पार्टी कार्यालयों और घरों पर हमले और आगजनी की खबरें सामने आई हैं। हालांकि सभी घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन हालात को देखते हुए कई संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की जा रही है।

आरोप-प्रत्यारोप तेज, चुनाव आयोग सख्त

इन घटनाओं के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर सुनियोजित हिंसा कराने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह टीएमसी के अंदरूनी विवाद का नतीजा हो सकता है। दोनों ही दल एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, जिससे माहौल और गरमा गया है। इस बीच निर्वाचन आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। आयोग ने साफ किया है कि चुनाव के बाद किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता शांति बहाल करना और आगे किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।

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