लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर हुई बहस के बाद सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोपों के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने सदन में कई ऐसे आरोप लगाए जो तथ्यों से मेल नहीं खाते। उन्होंने कहा कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गोली चलाने और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आदेश दिए जाने का दावा पूरी तरह गलत है। पात्रा के अनुसार, जिस घटना का जिक्र किया जा रहा है, उसमें गोली नहीं चली थी और ऐसी स्थिति में गोली चलाने का आदेश देने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मामले में तथ्यों के आधार पर बात कर रही है, जबकि विपक्ष भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है।
‘गोली चलाने का फैसला मौके पर मजिस्ट्रेट करता है’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संबित पात्रा ने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में मौके पर मौजूद मजिस्ट्रेट परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री इस तरह के मौके पर जाकर आदेश नहीं देते। पात्रा ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि किसी घटना में गोली चली ही नहीं, तो गोली चलाने का आदेश देने का आरोप भी निराधार है। उन्होंने दावा किया कि छात्रों के संसद मार्च के दौरान केवल सुरक्षा व्यवस्था लागू थी और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। बीजेपी का कहना है कि विपक्ष तथ्यों की पुष्टि किए बिना राजनीतिक आरोप लगा रहा है, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
अमित शाह और छात्रों को लेकर भी बीजेपी ने दिया जवाब
संबित पात्रा ने कांग्रेस के उन आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि अमित शाह सार्वजनिक कार्यक्रमों में नियमित रूप से शामिल होते हैं और उनकी गतिविधियां सार्वजनिक जानकारी का हिस्सा होती हैं। पात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने केवल राजनीतिक माहौल बनाने के लिए गृह मंत्री का नाम लिया। इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी की उस टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई, जिसमें छात्रों की अलग-अलग श्रेणियों का जिक्र किया गया था। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि देश का हर छात्र सम्मान का हकदार है और किसी भी छात्र को अपमानजनक शब्दों से जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा छात्रों का मनोबल गिराने वाली है।
कांग्रेस के पुराने दौर पर भी साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संबित पात्रा ने कांग्रेस के शासनकाल का भी जिक्र किया और कहा कि उस समय छात्रों से जुड़े कई आंदोलनों में गंभीर घटनाएं हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज युवाओं की बात कर रही है, लेकिन अपने शासन के दौरान छात्रों के मुद्दों पर उसका रवैया अलग था। पात्रा ने कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और सख्त कानून लागू करने पर काम कर रही है। उन्होंने एंटी पेपर लीक कानून को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में बीजेपी ने विपक्ष से अपील की कि राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय रचनात्मक सुझाव दिए जाएं, ताकि छात्रों और देश के हित में बेहतर फैसले लिए जा सकें।
