दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच एक बार फिर माहौल गरमा गया है। देर रात हुई घटनाओं और बढ़ते तनाव के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijit Deepke) ने आंदोलन को लेकर बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि संगठन का आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अहिंसक रहेगा तथा किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने संदेश में दीपके ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना है। उनका कहना है कि आंदोलन की दिशा नहीं बदलेगी और प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। उनके इस बयान के बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
इंटरनेट सेवा बंद होने का लगाया आरोप
अभिजीत दीपके ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाएं प्रभावित की गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह कदम प्रदर्शन को नियंत्रित करने या किसी संभावित कार्रवाई की तैयारी के तहत उठाया गया है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। दीपके ने एक अन्य पोस्ट में प्रदर्शन स्थल पर तैनात पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों से भी अपील की कि वे संयम बनाए रखें और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अनावश्यक बल प्रयोग से बचें। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल लोग अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से रख रहे हैं, इसलिए स्थिति को बातचीत और कानून के दायरे में रहकर संभाला जाना चाहिए।
‘संसद चलो’ मार्च के बाद लगातार जारी है धरना
20 जुलाई को निकाले गए ‘संसद चलो’ मार्च के बाद से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद कई लोग घायल हुए थे। उस समय दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बल प्रयोग किया था। वहीं प्रदर्शनकारी संगठनों का आरोप है कि पुलिस ने आवश्यकता से अधिक सख्ती दिखाई। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और निषेधाज्ञा का पालन कराने के लिए कार्रवाई की गई थी। इसी घटनाक्रम के बाद आंदोलन और उससे जुड़े बयान लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है।
ये आंदोलन शांति और अहिंसा से ही चलेगा pic.twitter.com/o1949flbBH
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 22, 2026
सोनम वांगचुक ने भी रखी सरकार के सामने नई शर्त
इसी बीच पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी आंदोलन को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार यह भरोसा देती है कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दोबारा बल प्रयोग नहीं किया जाएगा और उनके विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, तो वह अपना आमरण अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं। वांगचुक ने बताया कि लंबे अनशन के कारण उनका काफी वजन कम हो चुका है, लेकिन वह जल्द अपने नियमित कार्यों में लौटना चाहते हैं। फिलहाल सरकार की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि आंदोलन और सरकार के बीच आगे क्या बातचीत होती है और आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
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