मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र के झलारिया गांव में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। तीन वर्षीय मासूम भागीरथ देवासी खेलते-खेलते अचानक खुले बोरवेल में गिर गया। यह हादसा गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे हुआ, जिसके बाद गांव में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दी, जिसके बाद जिला स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि बच्चा करीब 200 फीट गहरे बोरवेल में गिरा था, जिससे उसे बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया।
23 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही NDRF और SDRF की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। साथ ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी लगातार ऑपरेशन की निगरानी कर रहे थे। बचाव कार्य के दौरान कई बार प्रयास किए गए, जिसमें रस्सियों और विशेष उपकरणों की मदद से बच्चे तक पहुंचने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद बोरवेल के समानांतर सुरंग खोदने का काम शुरू किया गया, लेकिन कठोर चट्टानों के कारण रेस्क्यू में बाधा आई। करीब 40 फीट खुदाई के बाद काम रोकना पड़ा और भारी मशीनें मंगानी पड़ीं। इस दौरान पूरा गांव मौके पर जमा रहा और हर कोई मासूम की सलामती की दुआ करता रहा।
‘जुगाड़ तकनीक’ से निकाला गया बच्चा, हालत थी नाजुक
लगातार प्रयासों के बाद करीब 23 घंटे बाद मासूम भागीरथ को बोरवेल से बाहर निकाला गया। बताया गया कि उसे एक विशेष जुगाड़ तकनीक की मदद से निकाला गया, जिसमें रस्सियों और तारों के सहारे उसे बाहर खींचा गया। जब उसे बाहर निकाला गया तो वह अचेत अवस्था में था। तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जांच शुरू की। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक लगातार मौके पर मौजूद रहे और हर पल की निगरानी करते रहे।
3 साल के मासूम की जान बचाने की जंग जारी…
उज्जैन के बड़नगर तहसील के झलारिया गाँव में बोरवेल में गिरे 3 वर्षीय बच्चे का रेस्क्यू अभियान चल रहा है।
कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह और एसपी श्री प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में प्रशासन की पूरी टीम मौके पर डटी हुई है।#BorewellRescue #Ujjain pic.twitter.com/AA3nGqO8EU— Collector Ujjain (@collectorUJN) April 10, 2026
अस्पताल में टूटी उम्मीद, परिवार सदमे में
अस्पताल पहुंचने के बाद मासूम की हालत बेहद गंभीर बताई गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उसे बचाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर मौत की पुष्टि प्रशासन की ओर से नहीं की गई है। बच्चे की मां और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन लगातार भगवान से दुआ करते रहे, लेकिन हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। यह परिवार मूल रूप से राजस्थान के पाली जिले से है और भेड़ पालन के काम के लिए यहां आया हुआ था। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।
